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Yamuna Nagar News: एनएचएम के कर्मचारियों ने नहीं किया काम, मरीज रहे परेशान

Tue, 12 Aug 2025 12:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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 इलाज के इंतजार में बैठे मरीज व उनके तीमारदार। संवाद - फोटो : इंटर कॉलेज में निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों को पढ़ाते डीएम अंजनी कुमार सिंह।
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। वेतन रुकने सहित अन्य लंबित मांगों के रोष में सोमवार को एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) से जुड़े कर्मियों ने दो घंटे काम नहीं किया। इसका असर जिला, उप जिला अस्पताल सहित सीएचसी, पीएचसी की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा। यहां सुबह दस से 12 बजे तक एनएचएम की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं बाधित रहीं।
इस दौरान ओपीडी की पर्ची बनाने से लेकर विभिन्न जांच व टेस्ट करने, दवा वितरण और टीकाकरण जैसे काम बाधित रहे, जिनके लिए दो घंटे तक मरीज व तीमारदार परेशान होते नजर आए। स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के आह्वान पर एनएचएम से जुड़े डॉक्टर, स्टाफ व अन्य कर्मी 15 अगस्त तक रोज सुबह दस से 12 बजे तक काम बंद रखेंगे। इसे पेन डाउन हड़ताल नाम दिया गया है।
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जिले में एनएचएम के करीब 630 कर्मचारी हैं, जिनमें नर्स, फार्मासिस्ट, एएनएम व अन्य शामिल हैं। इनकी तैनाती जिला नागरिक अस्पताल यमुनानगर, उप जिला नागरिक अस्पताल जगाधरी, सीएचसी व पीएचसी में हैं।
इनके जिम्मे ओपीडी की पर्ची बनाने से लेकर विभिन्न जांच व टेस्ट करने, दवा वितरण और टीकाकरण जैसे काम हैं, जो दो घंटे की हड़ताल से सोमवार को बाधित हुए। ऐसे ही 15 अगस्त तक यह सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है। हड़ताल के पहले दिन बारिश के चलते अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों की संख्या कम होने से अधिक परेशानी नहीं हुई, पर अगले चार दिन दिक्कत बढ़ सकती है। सोमवार भी अलग-अलग स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मरीज को दो घंटे इंतजार करना पड़ा। जिला नागरिक अस्पताल पहुंचे बूड़िया के पुनीत व हरियाबांस के शुभम ने बताया कि डॉक्टर को दिखाया था, जिन्होंने टेस्ट के लिए लिखा पर यहां टेस्ट नहीं हो पा रहे हैं।
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कई माह का वेतन अटकने से परेशानी ः जिला प्रधान

जिला प्रधान अंजना बख्शी, जिला मंत्री अरुण शर्मा, सलाहकार पूजा रानी, कोषाध्यक्ष सुशील गर्ग ने बताया कि गत वर्ष 20 अगस्त को विभागीय बैठक में तय हुआ था कि वेतन के लिए तीन माह का एडवांस बजट दिया जाएगा, पर हकीकत में इसका पालन नहीं हुआ। विभाग की ओर से वेतन भुगतान में बार-बार टालमटोल की जा रही है। वेतन देना विभाग की जिम्मेदारी व कानूनी दायित्व है। कई कर्मचारियों का वेतन मार्च व अप्रैल से रुका हुआ है। मई, जून व जुलाई का वेतन अधिकांश को नहीं मिल पाया। ऐसे में घर खर्च चलाने में दिक्कत आ रही है। कई कर्मी ऋण लेकर बच्चों की फीस भर रहे हैं और रोजमर्रा का सामान खरीद रहे हैं।

 इलाज के इंतजार में बैठे मरीज व उनके तीमारदार। संवाद- फोटो : इंटर कॉलेज में निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों को पढ़ाते डीएम अंजनी कुमार सिंह।

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