हरियाणा में हुए जाट आरक्षण के आंदोलन को लेकर भड़की हिंसा के बाद इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला सोमवार को जनता के बीच भाईचारा कायम रखने को लेकर पहुंचे।
यमुनानगर से शुरू किए गए सर्वजातीय सदभावना सभा में चौटाला ने इस हिंसा के लिए कांग्रेस व भाजपा को ही जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा ने सांसद राजकुमार सैनी पर कार्रवाई न तो आने वाले समय में हरियाणा में माहौल बिगड़ सकता है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इसके लिए केवल प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह ही नहीं, बल्कि भूपेंद्र ङ्क्षसह हुड्डा ने भी पीछे बैठकर आग में घी डालने का काम कर रहे थे।
यदि हुड्डा चाहते तो वह रोहतक में लोगों के बीचकर उनसे शांति की अपील करते। उन्होंने जाट नेता हवा सिंह को पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा का टाऊट बताते हुए कहा कि कांग्रेस राज में जब भी जाट आरक्षण की बात आती थी तो हुड्डा ही उसे रोक देते थे। पत्रकारों से बातचीत करते हुए अभय सिंह ने कहा कि वह पूरे प्रदेश के सभी जिलों में 6 मार्च तक सदभावना बैठक करेंगे। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार और कांग्रेस के लोगों ने ही प्रदेश का भाईचारा खराब करने का काम किया है। उन्हीं लोगों ने इस प्रकार की भाषा का प्रयोग किया जिससे आज इस प्रकार के हालात बना दिए गए।
अभय सिंह ने प्रदेश के खराब हुए माहौल के पीछे हुड्डा के साथ-साथ भाजपा को दोषी बताते हुए कहा कि सरकार ने जिस प्रकार से प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह पर कार्रवाई की है। उसी प्रकार से सैनी पर कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेश का माहौल फिर से खराब हो सकता है। चौटाला ने यहां तक कहा कि प्रदेश के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, कृषि मंत्री ओपी धनखड़ व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला ने ही सबसे बड़ी आग लगाई थी।
ये लोग ही सीएम के पास गए थे और सीएम ने इस आग में घी डालने का काम किया था, क्योंकि यदि सीएम उस समय जाट आरक्षण की पैरवी नही करते तो यह सब न होता। उन्होंने इस पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि इसकी न्यायिक जांच होगी तो सरकार जांच अधिकारियों से अपनी मनचाही रिपोर्ट नहीं ले पाएगी। उनके अनुसार आज सरकार हरियाणा में फेल हो चुकी है।