अंबाला में पंचों के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के लिए जाने के लिए नव नियुक्त पचों को धक्के खाने पड़े। बसों की कमी के चलते अधिकतर पंच शपथ ग्रहण समारोह में नहीं पहुंच पाए। बिलासपुर प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से 719 पंचों की संख्या को देखते हुए 14 बसों की मांग हरियाणा राज्य परिवहन से रखी गई थी। लेकिन परिवहन विभाग की ओर से मात्र छह बसों को मौके पर भेजा गया। लगभग सात सौ पंचों को छह बसों में लेकर जाना असंभव था। जिसके कारण अधिकतर पंच शपथ ग्रहण समारोह तक पहुंच ही नहीं पाए। अधिकतर पंच को पता ही नहीं चला की बस कहां से मिलेगी और वह इधर-उधर भटकते रहे।
खंड बिलासपुर के नवनियुक्त पंचों को अंबाला शहर के हुडा मैदान में शपथ ग्रहण करने के लिए बसों के माध्यम से ले जाया जाना था। इसके लिए खंड विकास एवं पंचायत कार्यालय बिलासपुर की ओर से सभी ग्राम सचिवों के माध्यम से खंड के सभी नव नियुक्त पंच को सूचना दी गई थी। सभी पंचों को उनके गांवों के बस स्टैंड से बसों से ले जाया जाना था। इसके लिए बाकायदा रूट बना दिए गए और पंचों को अपने-अपने गांव के बस स्टाप पर सुबह दस बजे पहुंचने को कहा गया।
सुबह दस बजे जब कई गांवों में बसें नहीं पहुंची तो पंचों ने फोन से अपने-अपने ग्राम सचिव से बसों के न आने के बारे में पूछा। इस पर उन्हें बताया गया कि बसों की कमी है आप खंड कार्यालय बिलासपुर पहुंचे। कुछ पंच तो गांवों से आए ही नहीं। जो पंच आए उनमें अधिकतर को बिलासपुर से अंबाला शपथ ग्रहण समारोह के लिए बस नहीं मिली। पंचों के बस में चढ़ने के लिए मारामारी रही। अधिकतर महिला पंच बसों में चढ़ ही नहीं पाईं।
हरियाणा राज्य परिवहन की ओर से कम बसों को मौके भेजने से अधिकतर पंच निजी वाहनों से अंबाला के लिए रवाना हुए। मौके पर जो बसें आई, उनमें पंचों को ठूंस-ठूंस कर भरा गया। बसों की कमी के कारण कुछ पंच निजी वाहनों या अन्य सवारी वाहनों से शपथ ग्रहण समारोह के लिए रवाना हुए।
बिलासपुर के सरपंच चंद्रमोहन कटारिया का कहना है कि वे अपने बिलासपुर के सभी पंचों को लेकर 11 बजे खंड कार्यालय बिलासपुर पहुंच गए। यहां पर न तो बैठने की कोई व्यवस्था थी। ना ही अन्य कोई व्यवस्था। पंच लगभग दो घंटे धूप में खंड कार्यालय के मेन गेट पर बसों के इंतजार में खड़े रहे। बसें न मिलने के कारण पंच विजय शर्मा, पुनीत गोयल, संजय राणा, कपिल, दिनेश, बिंदिया, रजनी बाला, परमजीत, व सन्नी समारोह में नहीं पहुंच पाए।