यमुनानगर। साढौरा क्षेत्र के गांव महमूदपुर की महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के जरिये आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। वर्ष 2002 से समाजसेवा से जुड़ी नीलम देवी आज महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। वर्ष 2019 में शुरू हुआ मां वैष्णों स्वयं सहायता समूह आज गांव की महिलाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बन चुका है।
समूह में कुल 10 महिलाएं शामिल हैं। इसमें नीलम देवी प्रधान, उर्मिला सचिव और सुदेश खजांची की जिम्मेदारी निभा रही हैं। अन्य सदस्यों में विनोद कुमारी, संजना, रानी, लक्ष्मी, हिमा देवी, गुड्डी और सलोचना रानी शामिल हैं। समूह की महिलाएं अलग-अलग रोजगार से जुड़कर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं। समूह की प्रधान नीलम देवी सीजन के दौरान मशरूम उत्पादन का कार्य करती हैं और छह महीने तक साढौरा अनाज मंडी स्थित अटल कैंटीन में कार्यरत रहती हैं। सचिव उर्मिला सिलाई-कढ़ाई का काम करती हैं जबकि विनोद कुमारी ब्यूटी पार्लर और कॉस्मेटिक का कार्य संभाल रही हैं। खजांची सुदेश कुमारी करियाना दुकान चला रही हैं। इसके अलावा अन्य महिलाएं पशुपालन से आय अर्जित कर रही हैं।
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वैष्णों स्वयं सहायता समूह विकास महिला ग्राम संगठन और साढौरा महिला फेडरेशन के अंतर्गत कार्य करता है। नीलम देवी समूह की प्रधान होने के साथ-साथ क्लस्टर फेडरेशन की भी प्रधान हैं। उन्होंने बताया कि गांव में कुल 22 स्वयं सहायता समूह गठित किए गए हैं।
हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को फास्ट फूड, सिलाई-कढ़ाई, कटिंग-टेलरिंग, जूट बैग और सॉफ्ट टॉय बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मिशन के अधिकारी देवेंद्र शर्मा और सीईओ सुशील कुमार के मार्गदर्शन में समूहों की गतिविधियों की निगरानी की जा रही है। वहीं ब्लॉक कोऑर्डिनेटर नीरू रानी भी समय-समय पर महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रही हैं।