संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। पहाड़ाें की चोटियों पर हो रही बर्फबारी और पिछले दिनों जिले में हुई बूंदाबांदी का असर साफ देखा जा रहा है। इससे ठंड दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। ठंड जितनी ज्यादा बढ़ेगी उसका खेतों में खड़ी गेहूं, सरसों व अन्य फसलों को उतना ही ज्यादा फायदा होगा। ठंड बढ़ने से खेतों में खड़ी सरसों की फसल लहलहाने लगी है। सड़कों से निकलने वाले लोग सरसों के पीले-पीले खेतों को देख कर आकर्षित हो रहे हैं। इतना ही नहीं सरसों के पीले फूलों के साथ सेल्फी या फिर परिवार के साथ फोटो लेने को आतुर दिखते हैं। रविवार को जिले में अधिकतम तापमान 20 व न्यूनतम 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
इस बार सर्दियों में कोहरा भी दो से तीन दिन के लिए ही देखा गया है। परंतु जब से पहाड़ों में बर्फबारी हुई और गत दिनों हल्की बूंदाबांदी पड़ी तब से ठंड में काफी इजाफा हुआ है। इससे पहले दिन के समय तापमान काफी अधिक था। तेज धूप निकल रही थी। जिसका सीधा असर फसलों पर देखा जा रहा था।
इसी के चलते फसलों की वृद्धि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने के कारण किसानों को फसल खराब होने की चिंता सताने लगी थी। परंतु जब से ठंड बढ़ी है तब किसानों के चेहरों पर परेशानी की जगह हल्की मुस्कान देखने को मिल रही है। तेज धूप के कारण अपनी फसलों को लेकर चिंतित किसानों ने ठंड बढ़ने से राहत की सांस ली है। इन फसलों को कम तापमान की आवश्यकता है।
किसान रामबीर चौहान, मंदीप सिंह, फूल चंद व नरेश कुमार ने बताया कि दिसंबर के शुरूआत में मार्च महीने के समान धूप पड़ रही थी। कुछ जगहों पर तो गेहूं में गुलाबी सुंडी का भी असर देखने को मिल रहा था। परंतु अब मौसम में जो परिवर्तन होने से ओस गिरने लगी है इससे फसलों में बढ़वार होने की उम्मीद है। वहीं गुलाबी सुंडी का असर भी लगभग खत्म होने लगा है।