रेड सैंड बोआ प्रजाति के सांपों की तस्करी में मुख्य आरोपी अंतरराष्ट्रीय तस्कर मुर्सलीन अभी तक गिरफ्त से बाहर है। उसका अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। उधर इस प्रजाति के सांप के साथ गिरफ्तार किए जा चुके चारों आरोपी राम सिंह, लाखन, कुलदीप शर्मा व मोहित को कोर्ट से जमानत मिल चुकी है।
मुर्सलीन तक पहुंचने के लिए उत्तर प्रदेश के विभिन्न ठिकानों पर दबिश दी जा चुकी है मगर जांच एजेंसियों को कोई कामयाबी हासिल नहीं हुई। कांसापुर में आरोपी के घर पर भी ताला लटका पड़ा है। फिलहाल आरोपी भूमिगत है, जिसे जांच एजेंसियां तलाश रही है। सूत्र बताते हैं कि यह गिरोह इस सांप की तस्करी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करता है। इसी के चलते जांच एजेंसियों पर भी सांपों की तस्करी करने के मामले में मुख्य आरोपी मुर्सलीन को काबू करने के लिए दबाव है। बताते चले कि जिस रेड सैंड बोआ प्रजाति के सांप की तस्करी में मुख्य आरोपी की तलाश है, उस सांप की कीमत एक करोड़ से अधिक है, जबकि अंतरराष्ट्रीय मार्केट में इसे करोड़ों में बेचा जाता है।
उल्लेखनीय है 24 नवंबर को वन्य जीव प्राणी विभाग ने छछरौली के त्रिकोणी चौक पर नाकाबंदी कर कार से व्यक्तियों से रेड सैंड बोआ प्रजाति के नाम के सांप के साथ काबू किया था। उस दौरान आरोपियों की पहचान पहचान भी साढौरा के राम सिंह, मुजफ्फरनगर के लाखन, कुलदीप शर्मा व मोहित के तौर पर हुई थी। सभी आरोपी इस सांप का सौदा करने को के लिए इकट्ठे हुए थे, इसी बीच विभाग को सूचना मिली गई थी।
रेड सैंड बोआ एरिक्स जॉनी, जिसे आमतौर पर इंडियन सैंड बोआ कहा जाता है। यह एक गैर विषैली प्रजाति है जो भारतीय उपमहाद्वीप के शुष्क भागों में पाई जाती है। इसकी दुर्लभता के कारण यह मंहगा है। अंतरराष्ट्रीय बजार में रेड सैंड बोआ सांप की कीमत 1 करोड़ से लेकर 25 करोड़ तक है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस सांप को ‘डबल इंजन’ कोड वर्ड से जाना जाता है।
आरोपी मुर्सलीन अंतरराष्ट्रीय सरगना है। जिसकी धरपकड़ के लिए कई जगहों पर दबिश दी जा चुकी है। जिसका अभी तक कुछ अता पता नहीं है। इसी मामले में सभी चारों आरोपियों को जमानत मिल चुकी है।
-जयविंद्न नेहरा, निरीक्षक, वन्य जीव प्राणी विभाग।