कई उपाय उसे माफिक आते तो कई से काम नहीं बनता। पुलिस पूछताछ में रमन हत्या करने की अभी यही वजह बता रहा है। ज्योतिषी के बेटे ने पुलिस को बताया कि रमन कई साल से उनकी दुकान पर आता था। वह अपनी जन्मपत्री उसके पिता को दिखाता था। करीब छह साल पहले एक दिन वह उसके पिता से कहासुनी करने लग गया। झगड़े के दौरान पांच साल पहले वह कुल्हाड़ी लेकर उनके पास पहुंचा और मारने का प्रयास किया। तब सामाजिक तौर पर उनका आपसी समझौता हो गया था लेकिन वह रंजिश रखे हुए था।
हमले के दौरान ईश्वर दत्त और महिला ने शोर मचा दिया। दो फीट की गली में लोग पहुंचे तो हत्यारोपी वहां से भागने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपी स्कूटर से रायपुरियान गली पहुंचा था। वारदात के बाद वह स्कूटर स्टार्ट करने लगा तो वहां रेलवे बाजार के दुकान व अन्य लोग पहुंचे गए। जिसके बाद वह स्कूटर छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने स्कूटर की तलाशी ली तो उसमें से उसका मोबाइल फोन बरामद हुआ।
हत्यारोपी रमन के मन में बुजुर्ग ईश्वरदत्त के लिए बेहद गुस्सा भरा पड़ा था। यही इस वारदात की वजह बनी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब ईश्वरदत्त सामान ले रहा तो रमन ने पीछे से आते ही उसके सिर पर डंडे बरसा दिए। डंडे लगने से ईश्वरदत्त का सिर फट गया और वह दुकान के काउंटर पर ही गिर गया। इससे पहले लोग पहुंचे रमन ने जेब से चाकू निकाला और ईश्वर की पीठ पर जोरदार वार किया। इस बीच महिला दुकानकार अनीता ने बहादुरी दिखाई और रमन को पकड़ना चाहा। जिस पर रमन ने अनीता को भी चाकू मार कर घायल दिया। आरोपी ने मृतक के पीठ पर चाकू से कई वार किए।