पोस्टमार्टम हाउस के बाहर जानकारी देते मृतक के भाई।
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किराये के कमरे में अकेले रह रहे हिमाचल के पालमपुर निवासी फैक्टरी में मजदूरी करने वाले 45 वर्षीय सुभाष का शव वीरवार को उसकी ही चारपाई पर पड़ा मिला। डॉक्टरों के पैनल से किए गए शव के पोस्टमार्टम से पता चला कि सुभाष की गर्दन की हड्डी तोड़कर हत्या की गई है। पुलिस ने फिर भी हत्या की रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। पुलिस का तर्क है कि बिसरा रिपोर्ट आने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
जगाधरी वर्कशॉप कॉलोनी निवासी अशोक कुमार ने बताया कि हिमाचल के जिला पालमपुर निवासी 45 वर्षीय सुभाष उनके साथ फैक्टरी में काम करता था। वह 25 दिसबंर को काम पर नहीं आया। जिसके बाद उन्होंने उसे कॉल कर पूछा तो उसने बताया कि उसकी तबियत ठीक नहीं है वह आज नहीं आए। जिसके बाद सुभाष 26 तारीख को भी काम पर नहीं आया तो उसने फैक्टरी पहुंचकर सुबह उसे कॉल की, लेकिन सुभाष ने कॉल नहीं उठाई। इस दौरान उसने कई बार सुभाष को फोन किया, लेकिन उसने कॉल रिसीव नहीं की। करीब साढ़े 10 बजे सुभाष के मकान मालिक रविंद्र सेठी ने सुभाष का फोन उठाया और कहा कि सुभाष बेसुध पड़ा है। जगाने पर जाग नहीं रहा उसे अस्पताल ले जाना होगा। जिसके बाद वह फैक्टरी से कुछ साथियों को लेकर सुभाष के कमरे पर पहुंचा। सुभाष के शरीर में कोई हरकत नहीं थी। पहले वह उसे गाबा अस्पताल में ले गए। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस पर उन्हें विश्वास नहीं हुआ वह उसे यमुुनानगर ट्रामा सेंटर ले गए, जहां चिकित्सकों ने बताया कि सुभाष की मौत हो चुकी है। सूचना पर पुलिस ने पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया है। मृतक सुभाष के भाई संतोष कुमार, जगरूप सिंह ने बताया कि उन्हें फैक्टरी कर्मचारियों से इसकी सूचना मिली थी। सुभाष के भाई पोस्टमार्टम के बाद शव अपने पैतृक घर पालमपुर ले गए।
पुलिस की साधारण कार्रवाई पर खड़े हो रहे सवाल
चिकित्सकों के अनुसार गर्दन की हड्डी टूटने से व्यक्ति की तुरंत मौत हो जाती है। ऐसे में सुभाष की गर्दन की हड्डी टूटना कई सवाल खड़े करता है। सुभाष के मकान मालिक रविंद्र सेठी, सहकर्मी अशोक कुमार व अन्य कर्मचारियों का कहना है कि जब वह पहुंचे थे तो सुभाष अपने बिस्तर पर बेसुध पड़ा हुआ था। गर्दन की हड्डी फंदा लगाने से, किसी के तोड़ने या ठोस चीज से वार करने पर टूट सकती है। लेकिन सुभाष के मामले में ऐसी कोई चीज सामने नहीं आई। वहीं पुलिस का कहना है कि जब उन्होंने मौका मुआयना किया था तो वहां हालात समान्य थे। अगर सुभाष की हड्डी गिरने से टूटी है तो वह बिस्तर पर कैसे पहुंचा। इन सवालों का जवाब पुलिस के पास नहीं हैं।