संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सामाजिक संगठन गुदगुदी जंक्शन समूह के साहित्यिक मंच अक्षरम् की ओर से इंडियन पब्लिक स्कूल सभागार में उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर साहित्यिक गोष्ठी कलम के जादूगर का आयोजन किया गया। गोष्ठी में 12 साहित्यकारों ने मुंशी प्रेमचंद के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विचार व्यक्त करते हुए उनकी रचनाओं की सामाजिक प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि स्कूल की प्राचार्या मीनाक्षी भारद्वाज ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद विद्यालय की छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। साहित्यकारों ने मुंशी प्रेमचंद के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए।
कार्यक्रम अधिकारी कमल गौतम ने बताया कि गोष्ठी का उद्देश्य नई पीढ़ी को हिंदी साहित्य की समृद्ध विरासत और मुंशी प्रेमचंद की कालजयी रचनाओं से परिचित कराना है।
मुख्य अतिथि मीनाक्षी भारद्वाज ने कहा कि वर्तमान समय की भागदौड़ भरी जीवनशैली में साहित्यिक विरासत को सहेजने के लिए ऐसे आयोजनों की आवश्यकता और बढ़ गई है। इससे युवा पीढ़ी महान साहित्यकारों के विचारों और रचनाओं से जुड़ती है। समूह अध्यक्ष चंद्रमौलि गौड़ ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद ने हिंदी और उर्दू साहित्य को नई दिशा दी।
अंबाला से आए अक्षरम मंच प्रभारी जगमाल सिंह राणा ने प्रेमचंद के प्रमुख उपन्यास गोदान, गबन, निर्मला, सेवासदन और कर्मभूमि के साथ उनकी चर्चित कहानियों कफन, पूस की रात, पंच परमेश्वर और ईदगाह का उल्लेख करते हुए उन्हें भारतीय साहित्य का अमर हस्ताक्षर बताया।