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Yamuna Nagar News: नगर निकाय मुख्यालय पहुंचा धर्मनगरी के कचरे को खपाने के लिए जगह तय करने का मामला

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कुरुक्षेत्र। शहर से हर रोज निकल रहा 70 टन से ज्यादा कचरा नगर परिषद के गले की फांस बन गया है। पिछले कई माह से चाहते हुए भी नगर परिषद के अधिकारी कचरा डंप करने के लिए जगह फाइनल नहीं कर पाए, जिसके चलते सेक्टर 10 में कचरे का पहाड़ बन चुका है। यहां भी कड़ा विरोध हुआ तो अब नगर परिषद ने निजी जमीन लेने की तैयारी की है, जिसको लेकर भी केस मुख्यालय भेजा गया है। जहां से इसी सप्ताह मंजूरी मिलने की संभावना जताई जा रही है।
नगर परिषद के लिए शहर का कचरा सबसे बड़ी समस्या रही है। करीब छह साल पहले नगर परिषद ने मथाना में यमुनानगर रोड पर ही जमीन ली थी, लेकिन गांव के लोगों द्वारा कड़ा विरोध जताने के बाद यहां कचरा गिराना बंद करना पड़ा। इसके बाद कड़ी मशक्कत कर पिपली में नेशनल हाईवे किनारे जमीन तलाश की गई, जहां एक आश्रम होने के चलते यहां भी कचरा गिराए जाने का कड़ा विरोध हुआ तो नगर परिषद ने इसके बाद गांव बाहरी व कई अन्य जगहों पर भी जमीन की तलाश की, लेकिन यहां भी हर जगह विरोध हुआ।
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हाल ही में नगर परिषद ने नेशनल हाईवे पर करनाल की ओर जमीन की तलाश की है। शहर से करीब आठ किलोमीटर दूरी पर यह जमीन किसी निजी व्यक्ति की है, जिसके लिए दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी करने से पहले मामला निकाय मुख्यालय भेजा गया है, ताकि किसी प्रकार की विपरीत स्थिति का बाद में सामना न करना पड़े।

सेक्टर 10 में भी कई बार हो चुका विरोध
जब आसपास के गांवों में नगर परिषद जमीन नहीं फाइनल कर पाई तो कचरा कभी सेक्टर 13 तो कभी 10 में गिराया जाता रहा। सेक्टर 13 में भारी विरोध के चलते बंद करना पड़ा तो वहीं सेक्टर 10 में भी कई बार नप को विरोध का सामना करना पड़ा। करीब एक सप्ताह पहले भी पुरजोर विरोध हुआ तो बाद में नप अधिकारियों ने कुछ दिन में नई जगह तलाश लिए जाने की दिलाशा दिलाते हुए लोगों को शांत किया था। अब यहां कचरे का पहाड़ बनने लगा है।
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इसी सप्ताह कर ली जाएगी सभी कार्रवाई पूरी : मलिक
डीएमसी अश्वनी मलिक का कहना है कि नेशनल हाईवे के साथ लगती जमीन की तलाश की जा चुकी है। हालांकि सब कुछ तय हो चुका है, लेकिन मामला मुख्यालय भेजा गया है। जहां से अनुमति मिलते ही दस्तावेज पूरे कर लिए जाएंगे और फिर कचरा डंप करने की समस्या नहीं रहेगी।
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