संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर की सफाई व्यवस्था बिगड़ने लगी है। सफाई कर्मचारी डोर-टू-डोर कूड़ा उठान करने वाली एजेंसी के कर्मचारियों का विरोध कर रहे हैं। ऐसे में नगर निगम ने टकराव की स्थिति से बचने के लिए रात के समय सड़कों और सार्वजनिक स्थानों से कूड़ा उठवाना शुरू कर दिया है।
क्योंकि पिछले दिनों दो बार दोनों पक्षों में टकराव की स्थिति बन चुकी है। शहर में करीब 400 मीट्रिक टन कूड़ा सड़कों व काॅलोनियों में फैला हुआ है। नगर निगम की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने के बाद डोर-टू-डोर कूड़ा उठान करने वाली निजी एजेंसी के कर्मचारियों को भी कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी दी गई है। एजेंसी के कर्मचारी ट्रैक्टर-ट्रॉली और जेसीबी लेकर कॉलोनियों, मुख्य सड़कों और अन्य क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं। जहां कूड़े के ढेर मिल रहे हैं, वहां जेसीबी की मदद से कूड़ा ट्रॉलियों में लादा जा रहा है। इसके बाद इसे कैल स्थित कूड़ा निस्तारण प्लांट में पहुंचाया जा रहा है। सफाई कर्मचारी एजेंसी के कर्मचारियों के कूड़ा उठाने का विरोध कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि हड़ताली कर्मचारी एजेंसी कर्मियों पर भी हड़ताल में शामिल होने का दबाव बना रहे हैं। इससे दिन के समय कूड़ा उठाने के दौरान टकराव की आशंका बनी रहती है। इसी को देखते हुए निगम अधिकारियों ने एजेंसी के कर्मचारियों से रात के समय कूड़ा उठवाने की व्यवस्था शुरू की है। रात में कूड़ा उठाने के दौरान भी निगम की ओर से मुख्य सड़कों और उन स्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है, जहां कूड़े के ढेर अधिक हैं। जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की मदद से कूड़ा उठाकर सीधे निस्तारण प्लांट पहुंचाया जा रहा है।
शहर में प्रतिदिन करीब 250 से 280 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। सामान्य दिनों में सफाई कर्मचारियों की टीमें नियमित रूप से सड़कों, बाजारों और गलियों की सफाई करने के साथ घरों से कूड़ा उठाती हैं। हड़ताल के कारण बाजारों, मुख्य सड़कों, गली-मोहल्लों और सार्वजनिक स्थलों पर नियमित सफाई नहीं होने से कई स्थानों पर कूड़े के ढेर लगने लगे हैं।
अतिरिक्त कर्मचारियों को लगाकर शहर में कूड़ा उठवाया जा रहा है। कूड़ा उठान हो रहा है या नहीं इसके लिए सीएसआई की ड्यूटी लगाई गई है जो अपने वार्डों में उठान पर नजर रखे हुए हैं। -महाबीर प्रसाद, आयुक्त, नगर निगम।