संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। लोकसभा चुनाव की घोषणा के बाद से राजनीतिक दलों के प्रत्याशी जनसंपर्क अभियान में मतदाताओं के बीच पहुंच रहे हैं, वहीं मतदाता भी किसे वोट दें, इस पर अपने जेहन में फैसला बना रहे हैं।
इन्हीं में कुछ मतदाताओं ने अपनी पसंद के सांसद की खूबियां साझा की। इनकी मानें तो सांसद साफ छवि व लोगों के बीच रहने वाला हो। साथ ही संसद में लोकसभा क्षेत्र में काम कराने और जनहित के मुद्दे उठाने वाला सांसद होना चाहिए।
जीत के बाद भी दिखाई दे
वीरेन सपरा ने कहा कि लोकसभा चुनाव देश का चुनाव है। इससे केंद्र में सरकार बनती है। जो देश के कानून बनाती व बड़े प्रोजेक्ट सिरे चढ़ाती है। इसलिए इसमें मतदान का फैसला सोच-समझकर लिया जाना चाहिए। मेरी नजर में सांसद साफ छवि व लोगों के बीच रहने वाला हो। ऐसा न हो कि चुनाव से पहले दिखे और जीतने के बाद दिखाई न दे।
संसदीय क्षेत्र में सक्रिय रहने वाला हो
विकास ने कहा कि सांसद का काम अपने लोकसभा क्षेत्र के हर बड़े काम व मुद्दे को संसद में उठाना है, इसके लिए जरूरी है कि वह अपने संसदीय क्षेत्र में सक्रिय रहे। तभी उसे जनता के बड़े काम व मुद्दे पता लग पाएंगे। मेरी पसंद के सांसद में यह खूबी होनी जरूरी है। यही देखकर लोकसभा चुनाव में मतदान को लेकर किसी तरह का फैसला लूगां।
सुविधाओं की बात करे सांसद
उमेश मेहरा ने कहा कि देश की आजादी के इतने दशक बाद भी कई क्षेत्रों में काफी आबादी गली, नाली, सीवर, लाइट, पेयजल जैसी मूल सुविधाओं से वंचित हैं। इसलिए यह मुद्दा सांसद की दौड़ में लगे प्रत्याशियों को प्राथमिकता से लेना चाहिए। इस पर अपना पक्ष रखना चाहिए कि वह कैसे यह सुविधाएं जनता को दिला सकते हैं। इस मुद्दे पर जिस प्रत्याशी की बात में वास्तविकता नजर आए, उसे ही सांसद चुनेंगे।
जनता के बीच रहे और काम करे
सोनू सयाल ने कहा कि लोकसभा चुनावों से पहले प्रत्याशी प्रचार प्रसार में तो सारा समय जनता के बीच रहते हैं, पर कई जीत के बाद सांसद बनने पर वहां भूले से भी नहीं आते। ऐसा नहीं होना चाहिए। उसे जनता के बीच ही रहना चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान करते हुए उनके बताए काम कराने चाहिए। जिस प्रत्याशी में यह गुण नजर आएगा, उसे ही सांसद चुनेंगे।