अंकित उर्फ मोगली को कोर्ट में ले जाती पुलिस। प्रवक्ता
यमुनानगर। जिला अंबाला के उगाला गांव निवासी अंकित उर्फ मोगली ने जहरीली शराब बनाने के लिए शुरू की गई फैक्टरी में 15 लाख रुपये का निवेश किया था। यह रुपये गैंगस्टर मोनू राणा के माध्यम से फैक्टरी में लगाए गए थे। यह खुलासा खुद मोगली ने जिला पुलिस के रिमांड में किया है। पुलिस उसे अंबाला जेल से चार दिन के प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई थी।
रिमांड खत्म होने पर सोमवार को उसे दोबारा कोर्ट में पेश किया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। रिमांड के दौरान पुलिस उसे मुलाना के बिंजलपुर में उस जगह भी लेकर गई जहां पर जहरीली शराब बनाने की फैक्ट्री लगाई गई थी। इस फैक्ट्री में कुल सात मजदूर काम करते थे। जिनमें से छह की गिरफ्तारी हो चुकी है। फरार चल रहे एक आरोपी की तलाश की जा रही है।
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2021 में भी दर्ज हुआ था मामला
एसआईटी इंचार्ज डीएसपी राजेश कुमार व सीआइए टू के इंचार्ज अनेस कुमार ने बताया कि मोगली की दोस्ती जेल में गैंगस्टर मोनू राणा से हुई थी। वहीं पर दोनों ने शराब बनाने की योजना बनाई थी। बिंजलपुर में खेतों में बने कमरों में फैक्ट्री में शराब बनाकर फूंसगढ़ में ठेके पर लाकर खुर्दों को बेची जाती थी। जांच में पता चला है कि मोगली पर 2021 में भी नकली शराब बनाने का केस दर्ज हुआ था। वहीं अंबाला के ही थाना शहजादपुर और थाना साहा में उस पर एनडीपीएस के केस दर्ज हैं। मोगली ने शराब बनाने की फैक्ट्री में 15 लाख रुपये का निवेश किया था।
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अब दूसरे केस में प्रोडक्शन वारंट पर लिए दो आरोपी
थाना फर्कपुर पुलिस द्वारा प्रोडक्शन वारंट पर लिए गए जिला अंबाला के थंबड निवासी गौरव व डुलियाना निवासी विक्रांत उर्फ शंकर को थाना छप्पर केस में दर्ज केस में रिमांड पर लिया गया है। छप्पर में दर्ज इस केस की जांच सीआईए-वन की टीम कर रही है। ज्ञात हो कि दोनों फूंसगढ़ के ठेके से बाेलेरो गाड़ी में गांव-गांव जाकर खुर्दों को जहरीली शराब की पेटियां सप्लाई करते थे। सीआइए वन के इंचार्ज केवल सिंह रंगा ने बताया कि शराब सप्लाई करने पर उन्हें प्रति पेटी कमीशन दिया जाता था।
अंकित उर्फ मोगली को कोर्ट में ले जाती पुलिस। प्रवक्ता