यमुनानगर। आगामी जनगणना-2027 को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए स्व-गणना (सेल्फ-एन्यूमरेशन) पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तेज हो सके। जिला समन्वयक निधि भाटिया ने बताया कि जिले में करीब 2838 सुपरवाइजर तैनात किए जाएंगे, जिन्हें 6 से 22 अप्रैल तक चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में 19 केंद्र निर्धारित किए गए हैं। प्रशिक्षण के बाद 61 बैच बनाकर फील्ड में तैनाती की जाएगी।
जनगणना दो चरणों में पूरी होगी। पहले चरण में 1 से 30 मई 2026 तक मकानों का सूचीकरण और गणना होगी, जबकि दूसरे चरण में 9 से 28 फरवरी 2027 के बीच जनसंख्या का आंकड़ा जुटाया जाएगा। इससे पहले 16 से 30 अप्रैल 2026 के बीच नागरिकों को ऑनलाइन माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने का विकल्प मिलेगा। प्रशासन का मानना है कि सेल्फ-एन्यूमरेशन से समय की बचत होगी और आंकड़ों की सटीकता भी बढ़ेगी। ऑनलाइन जानकारी दर्ज करने के बाद संबंधित व्यक्ति को यूनिक आईडी मिलेगी, जिसके आधार पर गणनाकर्मी केवल सत्यापन करेंगे।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि गांवों, वार्डों और विभागीय स्तर पर व्यापक प्रचार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इस प्रक्रिया में शामिल हों। तकनीकी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विशेष मोबाइल एप का उपयोग किया जाएगा, जो नेटवर्क न होने पर भी काम करेगा। प्रशासन की योजना है कि इस बार जनगणना को अभियान का रूप देकर अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित की जाए, जिससे जिले का सटीक और अद्यतन डेटा तैयार हो सके। संवाद