यमुनानगर। जिले में निजी स्कूलों द्वारा फीस और अन्य शुल्कों को लेकर बढ़ती शिकायतों के बीच अब प्रशासन सख्ती के मूड में नजर आ रहा है। इस संबंध में अभिभावक सेवा मंच और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें डीईईओ प्रेमलता सहित अन्य अधिकारियों ने अभिभावकों की समस्याएं सुनीं। बैठक के दौरान अभिभावकों ने नोटबुक, किताबों, वार्षिक शुल्क और री-एडमिशन फीस के नाम पर मनमानी वसूली का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई निजी स्कूल नियमों की अनदेखी कर अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रहे हैं। अभिभावकों ने प्रशासन से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बैठक में अहम निर्णय लिया गया। तय किया गया कि एडीसी के नेतृत्व में अभिभावक सेवा मंच, पेरेंट्स और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम गठित की जाएगी। यह टीम संबंधित स्कूलों की जांच और ऑडिट करेगी। अधिकारियों के अनुसार, जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस पहल से अभिभावकों को राहत मिलने और निजी स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगने की उम्मीद जताई जा रही है। संवाद