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Yamuna Nagar News: रूस और यूक्रेन युद्ध की मिसाइल ने छीना दिव्यांग पिता का सहारा

Wed, 22 Jul 2026 12:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। रूस-यूक्रेन युद्ध की भयावहता ने जिले के गांव पंजेटो के एक परिवार की खुशियां छीन लीं। मर्चेंट नेवी में कार्यरत गुरप्रीत सिंह बाठ की यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास हुए मिसाइल हमले में मौत हो गई। इसकी सूचना मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और गांव में शोक की लहर दौड़ गई ।
परिजनों के अनुसार गुरप्रीत गिनी-बिसाऊ के ध्वज वाले मालवाहक जहाज एमवी गोल्डन लियो पर तैनात थे। बताया गया कि 19 जुलाई की शाम जहाज ओडेसा बंदरगाह से रवाना हुआ था। इसी दौरान उस पर क्रूज मिसाइल से हमला हुआ। विस्फोट इतना भीषण था कि गुरप्रीत समेत चार भारतीय नागरिकों की जान चली गई। एक अन्य भारतीय गंभीर रूप से घायल हुआ है।
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हमले में कुल 10 लोगों के मारे जाने की सूचना है, जिनमें कुछ विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। गुरप्रीत के पिता कीर्तन सिंह ने बताया कि उनका बेटा 12 जून को ड्यूटी पर विदेश गया था। सोमवार दोपहर शिपिंग कंपनी की ओर से फोन आने पर हादसे और बेटे की मौत की जानकारी मिली। यह खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों के मुताबिक करीब 10 दिन में पार्थिव शरीर भारत लाया जाएगा।
पूर्व जिला परिषद सदस्य राजेश कटारिया व परिजनों ने केंद्र सरकार से जल्द से जल्द शव स्वदेश लाने की व्यवस्था कराने की अपील की है, ताकि पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जा सके। गांव पंजेटो में शोक का माहौल है और बड़ी संख्या में लोग परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं। राजेश कटारिया का कहना है कि दो देशों के बीच चल रहे युद्ध ने गांव के एक होनहार युवक को खो दिया।
घर की आर्थिक रीढ़ थे परिवार के इकलौते गुरप्रीत
गुरप्रीत सिंह बाठ केवल परिवार का इकलौता बेटा ही नहीं, बल्कि पूरे घर की आर्थिक रीढ़ भी थे। वर्ष 2016 में सड़क हादसे में पिता की एक टांग कटने के बाद घर की जिम्मेदारी काफी हद तक उसी के कंधों पर आ गई थी। करीब डेढ़ साल पहले उसकी शादी हुई थी और उसकी छह माह की मासूम बेटी है। विदेश में नौकरी कर वह परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। उसकी मौत की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अब परिवार के सामने भावनात्मक दुख के साथ-साथ आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है।
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शनिवार की वीडियो कॉल बन गई अंतिम याद
परिजनों के अनुसार शनिवार शाम गुरप्रीत सिंह ने परिवार से वीडियो कॉल पर बात की थी और माता-पिता का हालचाल जाना और छह माह की अपनी मासूम बेटी को देखकर खूब दुलार किया। उस समय किसी को जरा भी आभास नहीं था कि यह बातचीत आखिरी होगी। गुरप्रीत करीब नौ महीने बाद छुट्टी लेकर घर लौटने वाला था, लेकिन उससे पहले ही उसकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
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