संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। कष्ट निवारण समिति की बैठक में कैबिनेट मंत्री अनिल विज अक्रामक मूड में दिखाई दिए। परिवाद सुनते हुए उन्होंने एसडीएम, एक्सईएन सहित कई अधिकारियों के लिए तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया तो सेक्टर-17 में भूमि के एक टुकड़े की फर्जी आईडी बनाने के मामले नगर निगम के सहायक अभियंता दीपक सुखीजा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर तुरंत गिरफ्तार करने के आदेश दिए।
उन्होंने अवैध कॉलोनी में प्लाटों की रजिस्ट्री करने के मामले में संबंधित रजिस्ट्रार पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। मंत्री की आक्रामक रूख से अधिकारियों की सांस अटकी रहीं। बैठक में कुल 15 परिवाद रखे गए, जिसमें से सात का निपटारा कर दिया गया, शेष आठ पर अगली बैठक में दोबारा चर्चा होगी।
इस दौरान मंत्री विज ने अधिकारियों के जवाब पर यहां तक कह दिया कि मैं पढ़ा लिखा विधायक हूं, सरकार में सबसे वरिष्ठ और सात बार का विधायक हूं। मेरी तीसरी आंख भी है और सब कुछ समझता हूं। मंत्री की इन बातों से फरियादी तो हंस पड़े, लेकिन अधिकारियों की सांसें अटकी रही।
कैबिनेट मंत्री विज के सामने सेक्टर-17 जगाधरी निवासी महेंद्र तनेजा ने प्रॉपर्टी आईडी के भूमि के एक टुकड़े को अप्रूव कर रजिस्टरी किए जाने बारे शिकायत रखी। महेंद्र तनेजा ने बताया कि उनकी 773 गज की भूमि अलग-अलग नाम पर रजिस्टर्ड है। इस भूमि से 200 गज का प्लाट अप्रूवड कर उसकी रजिस्ट्री कर दी गई, जबकि शेष प्लाट अनप्रूवड है।
यह मामले में पिछली बैठक में जांच के आदेश दिए गए थे। इस बैठक में एडीसी नवीन आहूजा ने जांच की रिपोर्ट प्रस्तुत की। एडीसी ने बताया कि नगर निगम के सहायक अभियंता दीपक सुखीजा ने अपने पोर्टल से फर्जी प्रॉपर्टी आईडी जनरेट की है। यह आईडी रविवार के दिन शाम साढ़े छह बजे के बाद बनाई गई है।
इस दौरान दीपक सुखीजा का यमुनानगर से तबादला हो चुका था। इस मामले में दीपक सुखीजा पूरी तरह से दोषी है और इसका इलेक्ट्रॉनिक सबूत है। इस पर मंत्री विज भड़क गए। उन्होंने कहा कि दीपक सुखीजा पर एफआईआर दर्ज की जाए। वह जहां भी है उसे गिरफ्तार कर लाओ।
बसंत नगर जगाधरी निवासी विजयदीप सिंह ने बसंत नगर के पास एचएसवीपी की जमीन में अवैध कॉलोनी काटने की शिकायत की थी। इस पर परिवाद में मंत्री विज ने सख्त संज्ञान लिया। अवैध काॅलोनी काटे जाने के मामले में एसडीएम जगाधरी अपनी रिपोर्ट पेश कर रहे थे। एसडीएम के जवाब सुनकर मंत्री विज बोले की अवैध कॉलोनी किस तरह कट गई।
उन्होंने कहा कि पढ़ा लिखा विधायक हूं। प्रदेश को नरक बना कर रहोगे। अवैध कॉलोनियां कट रही हैं और कॉलोनाइजर मुनाफा लेकर ऐश कर रहे हैं। लोग धोखे में आकर प्लाट खरीद कर फंस जाते हैं, लोग रोते हैं और फिर सुविधा के लिए धक्के खाते रहते हैं। उन्होंने एसडीएम से कहा कि इस पर कॉलोनाइजर पर ही नहीं बल्कि रजिस्ट्री करने वाले रजिस्ट्रार, नायब तहसीलदार, तहसीलदार या जो भी अधिकारी है उस पर एफआईआर करवाई जाए।
गांव फतेहपुर निवासी परविंद्र कांबोज ने जगाधरी शहर का केमिकल युक्त गंदा पानी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से लीक होने की वजह से खराब फसल का मुआवजा दिलवाने बारे में शिकायत दी थी। इस मामले में भी मंत्री ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता ने जवाब में कहा कि संबंधित एजेंसी से फरियादी को कुल 17061 रुपये का मुआवजा दिलवा दिया गया है।
इस पर मंत्री विज बोले कि आपने मुआवजा तो फरियादी को शांत कर बैठाने के लिए दिलवाया है। परंतु इसमें कोई कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने कहा कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से लीकेज क्यों हुई। इसकी जांच नहीं की। उन्होंने कहा कि सरकार में सबसे वरिष्ठ और सात बार का विधायक हूं। आप किताबें खोलो और कानून पढ़ो। लीकेज का कारण पता क्यों नहीं किया। इसकी जांच करवाए और एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई करें।
गैस सिलिंडर की फर्जी एंट्री की जांच करने के आदेश
गांव लवाणी कलावड़ निवासी सिंह राम ने गैस एजेंसी द्वारा फर्जी सिलेंडर एंट्री और ब्लैक मार्केटिंग के संबंध में शिकायत दी थी। इस मामले में डीएफएससी ने अपना पक्ष रखा, जिस पर मंत्री ने अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में संयुक्त कमेटी बना कर गैस एजेंसी का सारा रिकार्ड जांच करने के आदेश दिए। मंत्री ने कहा कि कंपनी की एप पर 14 सिलेंडर दिख रहे हैं और फरियादी ने सिर्फ पांच सिलेंडर लिए हैं तो शेष नौ सिलेंडर कहां हैं। उन्होंने कहा कि एजेंसी का पूरा रिकॉर्ड की जांच करो। यह पूरी धोखाधड़ी है जांच के बाद संबंधित एजेंसी पर कार्रवाई की जाए। बैठक में 15 में से सात शिकायतों का निपटारा किया गया।