संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने वीरवार को यमुनानगर पहुंच कर बाढ़ के पानी से प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। इस दौरान वे बम्भोली, बीबीपुर, ओदरी, लापरा, टापू कमालपुर समेत विभिन्न स्थानों पर ट्रैक्टर चलाकर पहुंचे। प्रेस वार्ता के दौरान हुड्डा ने आरोप लगाया कि सरकार के संरक्षण में खनन माफियाओं ने यमुना का रुख ही बदल दिया, जिससे कई गांव खतरे में आ चुके हैं।
उन्होंने कहा कि बाढ़ की वजह से हरियाणा में किसानों 17 लाख एकड़ में खड़ी फसल तबाह हो गई है। करीब 5000 गांव, 11 शहर, 72 कस्बों और सैकड़ों वार्ड बाढ़ से प्रभावित हैं। हालात 1995 में आई आपदा से भी ज्यादा खराब हैं। इसलिए बीजेपी सरकार को इसे बाढ़ग्रस्त राज्य घोषित करना चाहिए और केंद्र सरकार को तुरंत विशेष पैकेज का ऐलान करना चाहिए। ।
साथ में मौजूद स्थानीय सांसद वरुण मुलाना रहे और लोगों की समस्याएं सुनीं। लोगों ने बताया कि खेत में खड़ी तमाम फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि सरकार पोर्टल का पचक्कर छोड़ कर तुरंत स्पेशल गिरदावरी करवाए और किसानों तक आर्थिक मदद पहुंचाए। क्योंकि पोर्टल का झमेला सिर्फ किसानों को मुआवजे से वंचित करने के लिए खड़ा किया जा रहा है।
जब सरकार को पराली जलाने के केस दर्ज करने होते हैं तो व सेटेलाइट के आधार पर फैसला ले लेती है। तो क्या इस सरकार को खेतों में आई बाढ़ सेटेलाइट इमेज में नजर नहीं आती। उन्होंने कहा कि किसानों पर आपदा की मार पड़ रही है। इसलिए सरकार को तुरंत गन्ने का भाव बढ़ाकर कम से कम 500 रुपये क्विंटल कर देना चाहिए।
सैलजा गुट के नेताओं ने बनाए रखी दूरी
पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा यमुनानगर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने के लिए यमुनानगर में आए थे, परंतु इस दौरान सांसद कुमारी सैलजा गुट के नेताओं ने इस दौरे से दूरी बनाई रखी। दौरे के दौरान न तो कांग्रेस के शहरी व ग्रामीण जिला अध्यक्ष और न ही कांग्रेस के विधायक चौधरी अकरम खान एवं विधायक रेणु बाला दिखाई दिए।