बेखौफ माइनिंग माफिया की हिम्मत इतनी बढ़ चुकी है कि वे अब खनन विभाग के अधिकारियों से भी नहीं डरते, उल्टा उनके साथ मारपीट तक करने नहीं चूकते। सोमवार को माइनिंग इंस्पेक्टर की टीम ने भूड़ माजरा व देवधर में गश्त के दौरान अवैध खनन पाया। जिस पर खनन रक्षक ने मोबाइल से इसकी विडियो बनानी शुरू कर दी। यह देखकर माफिया के कारिंदे वहां पहुंचे और टीम के सदस्यों को पकड़ लिया और उनके साथ हाथापाई शुरू कर दी। इतना ही नहीं जिस मोबाइल में विडियो बनाई जा रही थी, वह भी छीन लिया और उन्हें भगा दिया। खनन इंस्पेक्टर ने इसकी लिखित शिकायत प्रतापनगर थाने में दी। पुलिस ने माइनिंग एक्ट समेत अन्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली।
पुलिस को दी शिकायत में सहायक खनन अभियंता अश्वनी कुमार चौहान ने बताया कि सोमवार की सुबह करीब 11 बजे वह सरकारी गाड़ी में सवार होकर भूड़माजरा व आसपास के इलाके में चेकिंग कर रहे थे। भूड़माजरा गांव पार करके बाएं हाथ की ओर बड़ी गाड़ियों के टायरों के निशान सड़क की तरफ आते नजर आये। उस रास्ते पर करीब 300 मीटर दूर एक एकड़ जमीन 20 फुट तक खुदा मिला और वहां एक जेसीबी और 6 ट्रैक्टर भू-संपदा खोदकर बाहर ले जाने की तैयारी में थे।
सरपंच के बेटे का नाम भी शामिल : खनन विभाग की टीम ने इन सभी ट्रैक्टर ट्रॉली व जेसीबी वालों को थाना प्रतापनगर चलने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने चलने से मना कर दिया। कुछ समय बाद दो लोग बाइक पर कुछ युवकों के साथ आए। इनमें से एक लड़के ने अपने को ओमकार सरपंच का बेटा बताया और सरकारी गाड़ी की पिछली सीट पर बैठी खनन रक्षक सरला देवी से बदतमीजी शुरू कर दी। इन युवकों ने कहा कि जल्दी यहां से चले जाओ, वर्ना अच्छा नहीं होगा।
गाड़ी की चाबी निकाल ले गए : उसके बाद सरपंच का कथित बेटा गाड़ी के बोनट के आगे खड़ा हो गया और सभी ट्रैक्टर व जेसीबी को वहां से भगा दिया। उसके बाद मोबाइल छिनने की कोशिश की व सरकारी गाड़ी की चाबी लेकर भाग गया। जिसे खनन रक्षक रमेश कुमार व रमेश फौजी ने पीछा करके उसे पकड़ा और गाड़ी की चाबी वापिस ली। सरपंच के लड़के के द्वारा पहले भी इस तरह का दुर्व्यवहार किया जा चुका है।
प्रतापनगर थाना एसएचओ लज्जा राम ने बताया कि खनन इंस्पेक्टर ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, कर्मचारियों के साथ बदसलूकी करने, मोबाइल छीनने तथा धमकी देने के आरोप में शिकायत दर्ज कराई है। इनमें एक गांव के सरपंच का भतीजा भी बताया जा रहा है। मामले की जांच की जा रही है। आरोपियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।
अवैध माइनिंग के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। गश्त के दौरान इंस्पेक्टर एके चौहान की टीम पर अवैध खनन कर रहे लोगों ने हमला किया। हाथापाई भी की और मोबाइल छीन लिया। प्रतापनगर थाने में लिखित में शिकायत दी है। डीसी को इस मामले से अवगत करवा दिया गया है।
-संजय सब्बरवाल, जिला खनन अधिकारी।
उधर, ताजेवाला में यमुना के साथ लगती सैकड़ों एकड़ जमीन में 50 फीट तक कर दिए गहरे गड्ढे : ताजेवाला में प्रतिबंध के बावजूद फिर से अवैध खनन शुरू हो गया है। बेखौफ माफिया सरेआम जेसीबी से जमीन का सीना छलनी कर रहे हैं। कई जगहों पर तो 40 से 50 फीट गहरे गड्ढे बना दिए गए हैं और खदान जैसे हालात दिखाई देने लगे हैं। खनन, पंचायत, सिंचाई और पुलिस विभाग के अधिकारी मौन है। जिससे माइनिंग माफिया के हौंसले बुलंद हैं। चौंकाने वाली बात ये है कि कोर्ट के निर्देश पर दो महीने पहले यहां अवैध खनन पर सख्ती की गई थी। यहां 14 स्टोन क्रशरों और स्क्रीनिंग प्लांटों पर भी गाज गिरी थी, लेकिन अब फिर से हालात पहले जैसे हो गए हैं। हालांकि स्टोन क्रशर यहां नहीं चल रहे, लेकिन खनन सामग्री को जोन के क्रशर और स्क्रीनिंग प्लांटों तक पहुंचाया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस व संबंधित विभाग के अधिकारियों की पूरी जानकारी में होने के बावजूद वे चुप्पी साधे हुए हैं। ताजेवाला गांव में एक नहीं बल्कि एक दर्जन जगहों पर जेसीबी मशीनों द्वारा अवैध खनन किया जा रहा है।
सरकार को रोजाना राजस्व का नुकसान : माइनिंग माफिया द्वारा सरकार को प्रतिदिन कई लाख रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंच रहा है। जानकारों का कहना है कि यहां से रोजाना 400 से 500 ट्रक की खनन सामग्री की चोरी हो रही है। कई जगह पर इतने गहरे गड्ढे किए जा चुके हैं कि दूर से जेसीबी मशीन भी छोटी नजर आती है। अवैध खनन की वजह से क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा भी खत्म हो रही है।