फर्जी ई-रवाना जारी कर खनन सामग्री सप्लाई का खेल जारी है। 17 मई को जिस वाहन को फर्जी ई-रवाना से खनन सामग्री सप्लाई करते खनन विभाग ने पकड़ा था, फिर से उसी वाहन को फर्जी ई-रवाना पर खनन सामग्री सप्लाई करते पकड़ा है। पुलिस ने जिस स्टोन क्रशर द्वारा यह फर्जी ई रवाना जारी किया, उस पर धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सहायक खनन अभियंता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 17 मई को खनन सामग्री से भरा एक ट्रक बेलगढ़ के पास पकड़ा गया था। उसमें रेत लगा हुआ था। चालक ने मैसर्ज पारस स्क्रीनिंग प्लांट द्वारा जारी ई-रवाना दिखाया। यह ई-रवाना 17 मई को सुबह सात बजकर 37 मिनट पर जारी होना दिखाया गया। जबकि सात बजकर 30 मिनट पर गाड़ी टीम के कब्जे में थी। इस तरह से यह फर्जी ई-रवाना जारी किया गया। इस शिकायत पर पारस स्क्रीनिंग प्लांट संचालक पर केस दर्ज किया गया था। उस स्टोन क्रेशर के भागीदार सुल्तान सिंह ने एनजीटी व राज्य नियम 2012 के तहत चार लाख 30 हजार रुपये जुर्माना भर दिया था। जिसके बाद 23 मई को उसे छोड़ दिया गया था। बुधवार को खनन विभाग की टीम ने उस वाहन का दोबारा खनन सामग्री से भरा हुआ पकड़ा। जब उसकी जांच की तो उसके पास फिर से फर्जी ई रवाना था। यह ई-रवाना रबुतल स्टोन क्रशर, बेलगढ़ द्वारा वाहन 29 मई को जारी किसी दूसरे वाहन के नाम पर जारी किया हुआ था। आरोप है कि खनन माफिया ने फर्जी ई-रवाना जारी कर अवैध रूप से खनन सामग्री सप्लाई की है। पुलिस ने मामले में रबुतल स्टोन क्रशर, बेलगढ़ के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।