संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। लघु सचिवालय में डीसी, एडीसी, एसपी, एसडीएम, सिटीएम, डीएसपी से लेकर तमाम कर्मचारी सुबह से रात तक बैठ कर काम करते हैं। इसके बावजूद यहां आग से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम बिल्कुल भी नहीं हैं। यहां आग पर काबू पाने के लिए 25 साल पहले लगी फायर लाइन जर्जर हो चुकी है। किसी अधिकारी का ध्यान इस तरफ बिल्कुल भी नहीं है।
लघु सचिवालय में अग्निकांड से निपटने के लिए वीरवार को तीनों तल का मुआयना करने पर हालात बद से बदतर मिले। यहां जो फायर लाइन लगाई गई है उसके ग्राउंड फ्लोर से लेकर तीसरे तल तक फायर होज कैबिनेट लगाए गए हैं। परंतु एक भी फायर होज कैबिनेट सही सलामत नहीं है।
लोहे के ढाई दशक पुराने होने के कारण इनमें जंग लग चुका है। सारे कैबिनेट टूटे पड़े हैं। इनमें जो शीशे लगे थे वह भी गायब हैं। इनमें प्लास्टिक व कई तरह के रेशे से बनी होज पाइप लगी थी वह भी गायब हैं। तीसरे तल पर जहां एसपी का स्टाफ बैठता है वहां लगी होज पाइप तो एक कोने में पड़ी मिली। ऐसे में यदि आग लगने पर पानी का छिड़काव करना पड़ जाए तो बिना होज पाइप के कैसे किया जाएगा।
इसी तरह फायर होज केबिनेट के ऊपर काले रंग के पाइप वाली होज रील लगा है उनमें भी किसी के आगे नोज नहीं है। पानी चलाने के लिए फायर लाइन का हैंडल काम करेगा भी या नहीं अब तो यह कहना भी मुश्किल है। यहां तक की सचिवालय में जहां पर रोजाना डीसी की गाड़ी रुकती है वहां से लेकर उनके कार्यालय के ठीक सामने लगे फायर होज कैबिनेट का भी यही हाल है।
ऐसे में लघु सचिवालय में फायर लाइन की ऐसी हालत के लिए किसी एक को जिम्मेदार ठहराना गलत होगा, क्योंकि यहां कोई एक-दो नहीं बल्कि दर्जनों की संख्या में अधिकारी व सैकड़ों कर्मचारी बैठते हैं। केवल फायर सिलिंडर ही भरे हुए मिले। जगह-जगह बिजली व नेटवर्किंग तार का जाल बिछा हुआ है। जिस भवन में डीसी, एसपी व अन्य जिला स्तरीय अधिकारी बैठते हैं और वहां आग से निपटने के लिए किए गए सुरक्षा इंतजामों का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।