दो डस्टबिन, तीन महीने और पांच बार डिमांड लेटर, लेकिन फिर भी नहीं हुआ काम। सब्जी मंडी में दो डस्टबीन रखने के लिए नगर निगम के अधिकारियों ने मार्केट कमेटी के अधिकारियों के तलवे तक घिसवा दिए। रिमाइंडर पर रिमाइंडर भेज मार्केट बोर्ड के अधिकारी थक चुके हैं, लेकिन सब्जी मंडी में सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए दो डस्टबीन नहीं लग पाए। फैली गंदगी के कारण आढ़तियों और ग्राहकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सफाई का मामला दो विभागों में फंसा दिख रहा है।
जहां पहली जिम्मेदारी मार्केट फीस वसूलने वाले बोर्ड की है, वहीं कूडे़ के लिए डस्टबिन और गंदगी उठाने की जिम्मेदारी नगर निगम की है। मामला दो विभाग का होने से दिक्कत मंडी में आने वाले लोगों को भुगतनी पड़ रही है। मार्केट बोर्ड के अधिकारी कई माह से निगम से डस्टबिन की मांग कर रहे हैं, लेकिन निगम अधिकारी मंडी में फैली गंदगी को लेकर बेरुखी किए हुए हैं। दिनों दिन हालात बिगड़ते जा रहे हैं।
बोर्ड अधिकारी कर चुके हैं डिमांड
मार्केट कमेटी के एक अधिकारी ने बताया कि मंडी में फैली गंदगी हमारे लिए भी सिरदर्द बन चुकी है। नगर निगम को कई बार गंदगी डालने के लिए डस्टबीन रखने की मांग कर चुके हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। डस्टबीन रखने के लिए डिमांड के बाद पांच बार रिमाइंडर भी भेज चुके हैं, लेकिन न तो आज तक कोई डस्टबिन रखा गया है और न ही कोई जवाब निगम अधिकारियों की ओर दिया गया है।
डस्टबिन न होना गंदगी का कारण
यमुनानगर सब्जी मंडी में शुरू से ही गंदगी की भरमार रही है। यहां पर कोई भी डस्टबीन नहीं रखा गया है। डस्टबिन के अभाव में मंडी में आए किसान और फड़ी लगाने वाले गंदगी को वहीं पर डाल जाते हैं। गंदगी तब ही उठ पाती है, जब सफाई कर्मचारी आते हैं। अन्यथा वहीं पर गंदगी पड़ी रहती है।