संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। समाज में बेटे-बेटियों के बीच फर्क समाप्त करने के लिए जम्मू कॉलोनी में मंगलवार को बेटियों की मकर संक्रांति मनाई गई। कॉलोनी के कम्युनिटी सेंटर में हवन हुआ, जिसमें क्षेत्र की अलग-अलग कॉलोनियों व गांवों की सवा माह की 31 बेटियों को यजमान बनाया गया। इन बेटियों के नन्हें हाथों से उनकी माताओं ने हवन में आहुति डलवाई। साथ ही नौ वर्ष तक की 150 अन्य कन्याओं का महापूजन भी किया गया।
दरअसल, बेटों के जन्म से सवा माह पर धूमधाम से जसुठन करने वाले समाज में ही बेटियों के जन्म से छठे दिन पर छोटे स्तर पर कार्यक्रम होते देख जम्मू कॉलोनी की महिलाएं आठ वर्षों से अनोखी परंपरा चला रही हैं। समाज में बेटियों का सम्मान बढ़ाने के लिए मकर संक्रांति के अवसर पर किए नौवें हवन-पूजन का आयोजन कॉलोनी की रेजिडेंशियल वेलफेयर सोसाइटी सहित नव चेतना पथ, महिला स्वयं सहायता समूह की 650 महिलाओं ने किया। इसमें आशा वर्कर्स से मिले रिकॉर्ड अनुसार जम्मू कॉलोनी, ममीदी, वीना नगर, आदर्श नगर, लक्ष्मी नगर, रणजीत कॉलोनी, कैंप, नवाब कॉलोनी, गुलाबनगर, जैन कॉलोनी, पटेल नगर व आसपास के क्षेत्र में नवंबर यानी सवा माह पहले जन्मीं 31 बेटियां यजमान बनीं।
इस मौके पर नौ वर्ष तक की 108 कन्याओं का महापूजन होना था, पर मौके पर 150 कन्याएं पहुंच गईं। सभी 150 कन्याओं का महापूजन हुआ। इस दौरान सामूहिक आहुति के लिए क्षेत्र की हर महिला दो फल, एक मुट्ठी चावल, एक चम्मच घी साथ लेकर पहु्ंची थी। हवन व पूजन के बाद भंडारे में भी सभी महिलाओं व बेटियों ने भोजन बनाने से लेकर परोसने की कमान संभाली।
बेटे-बेटी में फर्क न करने की दिलाई शपथ
इस दौरान कॉलोनी निवासी निवर्तमान वार्ड पार्षद निर्मल चौहान ने महिलाओं सहित अन्य लोगों को बेटे-बेटी में फर्क न करने की शपथ दिलाई। साथ ही बेटियों को पढ़ाने का आह्वान किया। मौके पर प्रधान शारदा रानी, उषा भट्ट, निर्मला यादव, गोरख यादव, रेखा, संतोष, किरण व अन्य मौजूद रहे।