संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग में तैनात कथित भ्रष्टाचार में लिप्त पटवारियों की सूची जारी होने के बाद विभाग में खलबली का माहाैल है। इस सूची में यमुनानगर जिले के 14 पटवारी व उनके 14 सहायकों का नाम शामिल है। यह सूची सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हो रही।
जिले में जगाधरी, छछरौली, बिलासपुर और रादौर में तहसीलें व साढौरा, सरस्वतीनगर और प्रताप नगर में उप तहसीलें माैजूद हैं। इन तहसील व उप तहसीलों के अधीनस्थ विभिन्न पटवारी काम कर रहे हैं। जिन पटवारियों की सूची जारी हुई है वे बूड़िया, जागीर खेड़ा, जगाधरी, खारवन, तिगरी, नाहरपुर, ईस्माइलपुर खिलांवाला, छछरौली मांडखेड़ी, गाढ़वाली, भम्नौली, मानकपुर, भीलछप्पर, अलाहर गुमथला, सिंकदरा, रादौर, जठलाना सुढैल, इस्माइलपुर, फाजलपुर, कोटला, लाहड़पुर, ठसका, दामला हाफिजपुर, रपौली, खुर्दी, खुर्दबन, टोपरा कलां, नाचरौन, यमुनानगर, मुसिंबल, ऊंचा चंदना, झींवरेहड़ी, हंगौली, भम्भौली व छप्पर मंसूरपुर क्षेत्रों में तैनात हैं।
अवैध वसूली का जिक्र ः सूची के अनुसार कथित भ्रष्टाचार में लिप्त पटवारी नए व पुराने इंतकाल, जमीन की पैमाइश, पुराने रिकॉर्ड को दुरुस्त इत्यादि के नाम पर एक या दो हजार से पांच हजार रुपये तक लेते हैं।
यही नहीं सहायक के तौर पर रखे गए प्राइवेट व्यक्ति इनके दलालों के तौर पर भी कार्य करते हैं। लोग जब अपने जमीनों से संबंधी कार्य करवाने के लिए पटवारियों के पास जाते हैं तो इन पटवारियों की ओर से बार-बार ऐतराज लगाकर आमजन को परेशान किया जाता है। इससे लोगों को मजबूरन इन्हें शुल्क देना पड़ता है।