यमुनानगर। जबरन शराब लेने और मंथली वसूलने की मांग करने की शिकायत पर कार्रवाई न होने पर साढौरा के शराब ठेकेदार नरेंद्र कुमार ने डीजीपी का दरवाजा खटखटाया है। ठेकेदार ने डीजीपी को इस मामले में पूरी जानकारी दी। डीजीपी ने यमुनानगर के एसपी को फोन कर इस मामले में कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मंगलवार को ठेकेदार एसपी कार्यालय पहुंचा। उसने एसपी को साढौरा थाना के सातों पुलिसकर्मियों द्वारा परेशान किए जाने के बारे में जानकारी दी।
इस पर एसपी ने हेड क्वार्टर डीएसपी कंवलजीत को मामले में तफ्तीश करने के निर्देश दिए हैं। नरेंद्र कुमार के अनुसार उसने अधिकारियों को सारी रिकॉर्डिंग दे दी है। मामले की तफ्तीश शुरू हो गई। ऐसे में आरोपों के घेरे में आए साढौरा थाना के इंस्पेक्टर, एसआई, एएसआई, हेड तीन कांस्टेबल व एक पूर्व इंस्पेक्टर पर कभी भी गाज गिर सकती है। सूत्रों के अनुसार मामला डीजीपी तक पहुंच जाने के बारे में पता चलने पर आरोपी पुलिसकर्मियों को गाज गिरने का डर सता रहा है।
महंगी और रुपये मांगने का आरोप
ठेकेदार नरेंद्र कुमार की ओर से दी गई शिकायत में बताया कि उसका साढौरा क्षेत्र में शराब का ठेका है। आरोप है पुलिसकर्मी उससे महंगी शराब और रुपये की मांग करते रहे। एक पुलिसकर्मी उसके ठेके पर आता और एक पेटी शराब लेता और पैसे की भी उगाही करता था। जब उसने विरोध किया तो पुलिसकर्मी डरा कर उसे झूठे केस में फंसाने की धमकी देते थे। यह भी आरोप है उसे थाने में बुलाकर भी प्रताड़ित किया जाता रहा। उसके साथ अभद्र व्यवहार भी किया गया। नरेंद्र कुमार का आरोप है हेड कांस्टेबल उससे पूर्व इंस्पेक्टर के नाम पर हर माह 20 हजार रुपये और एक पेटी अंग्रेजी शराब के लेता था व पांच हजार रुपये स्वयं अपने लिए लेता था। पुलिसकर्मी ने उसे फोन कर कहा नया इंस्पेक्टर आया है और उससे ज्यादा पैसे की मांग की है। इस पर नरेंद्र ने असमर्थता प्रकट की। आरोप है पुलिसकर्मी ने उसे धमकाया और कहा यदि मंथली नहीं बढ़ाई तो उसे क्षेत्र में काम करने नहीं दिया जाएगा। इन सब से परेशान होने के बाद नरेंद्र कुमार ने सरकार व पुलिस महकमे में शिकायत दी है।
वर्जन
शिकायत मिल चुकी है। मामले में तेजी से तफ्तीश चल रही है। तफ्तीश में जो भी सामने आएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-कंवलजीत सिंह, हेड क्वार्टर डीएसपी।