संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ रहे, वैसे ही धान की कटाई का सीजन भी तेजी पकड़ चुका है। किसान खेतों से धड़ाधड़ धान को कंबाइन के जरिए कटवाकर ट्रॉलियों में जिले की मंडियों में पहुंचा रहे हैं। हालांकि कटाई के सीजन को सप्ताह भर ही शुरू हुआ है, लेकिन मंडियां अभी से धान से अटने लगी हैं।
ये हालात अभी तक धान का उठान न होने से बने थे, लेकिन राहत की बात ये है भले ही रविवार को धान की खरीद नहीं हो पाई, परंतु उठान कार्य शुरू कर दिया गया। ऐसे में ठेकेदारों के माध्यम से ट्रकों को फसल की उठान के लिए मंडियों में भेज दिया गया।
वहीं, उठान होने से किसानों को राहत मिली है। ऐसे में उन्हें मंडी धान को सुखाने के लिए जगह मिल जाएगी। वहीं मंडियों में पुराने कांटे पर ही तौलाई का कार्य चल रहा है। इस बार जिला में इस बार धान का कुल रकबा करीब 85 हजार हेक्टेयर है। बात करें तो जो किसान मंडी में लेकर धान पहुंच रहे हैं, उन्हें गेट पास काटते समय उन्हें बताया जा रहा है कि उनकी फसल का अभी सत्यापन नहीं हुआ है। इसके लिए किसानों को तौलाई के समय ही एक रसीद दी जा रही है। जिस पर किसान व गांव का नाम, कुल कितनी धान आई है उसका ब्योरा लिखा है। यही वजह है कि मंडियों में धान तो बहुत ज्यादा आ रही है, लेकिन खरीद कम हो रही है। इससे मंडियों में फसल का अंबार लगता जा रहा है। कई मंडियों में तो जाम के हालात बन रहे हैं।
अब तक 21982 मीट्रिक टन धान की खरीद
रविवार को धान की खरीद नहीं हो पाई, लेकिन शनिवार के आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में अब तक मंडियों में कुल 21982 मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने 8052 एमटी, हैफेड ने 6608 एमटी व वेयर हाउस कॉर्पोरेशन ने 7323 एमटी धान की खरीद की है। मंडियों में बारदाना की कोई कमी नहीं है। धान उठान के लिए जो वाहन मंडियों में लगाए गए हैं उन सभी में जीपीएस भी लगे हुए हैं।
मशीन में धान की सफाई के काम में जुटे मजदूर। संवाद