यमुनानगर। शहर में 41 हजार नए एलईडी लाइट लगाने का काम चल रहा है। यह काम अभी तीन वार्डों में ही हो पाया है। अन्य वार्डों की कई गलियों और सड़कों पर अभी भी शाम के बाद अंधेरा पसर जाता है। यह देख इन वार्डों के निवासियों में रोष है। चूंकि मार्च में नगर निगम चुनाव संभावित है, जिससे काम लटकने की आशंका है।
वार्ड के लोगों के साथ दोबारा चुनाव लड़ने की तैयारी में लगे निवर्तमान व पूर्व पार्षदाें को बिगड़ी स्ट्रीट लाइट व्यवस्था से चुनाव में नुकसान का डर है। ऐसे में वह सभी वार्डों में नए एलईडी लाइट एक साथ लगाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि नगर निगम की ओर से एलईडी लाइट लगाने में की जा रही इस लेट लतीफी का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
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निवर्तमान पार्षदों में हरमीन कोहली, देवेंद्र सिंह, विनय कांबोज, रामआसरा भारद्वाज व निर्मल चौहान ने कहा कि अभी लाइट लगाने काम तीन वार्डों में हो रहा है। इस तरह कछुआ गति से काम चला तो सभी वार्डों में लाइट रोशनी करने से पहले एक्सपायरी डेट के करीब होगी। क्योंकि निगम चुनाव भी मार्च में संभावित है, इसलिए वार्डों में बिगड़ी स्ट्रीट लाइट व्यवस्था से चुनाव वोट के नुकसान का डर है। क्योंकि वार्डों में गत छह वर्षों में नए एलईडी लाइट नहीं लग पाई। एलईडी लाइट परियोजना से अछूते वार्डों में शाम बाद अधिकांश क्षेत्र की गलियों-सड़कों पर अंधेरा रहता है। धुंध के मौजूदा सीजन में भी स्ट्रीट लाइट व्यवस्था ठीक होनी जरूरी है, पर पुराने लाइट ठीक न होने और नए लाइट न लगने पर लोग निगम अफसरों के साथ निवर्तमान पार्षदों को भी कोस रहे हैं। जबकि हकीकत यह है कि निगम अफसर निवर्तमान पार्षदों की भी सुनवाई नहीं कर रहे।
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13 हजार पुराने व 28 हजार नए प्वाइंट पर लगेंगी लाइटें
नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी के अंतर्गत पुराने लगे सोडियम लाइट-बल्ब, सीएफएल व ट्यूब लाइट बदल कर उनके स्थान पर नगर निगम की ओर से एलईडी लाइट लगाई जा रही हैं। इन 13 हजार पुराने प्वाइंट्स के अलावा 28 हजार नए प्वाइंट पर भी यह लाइट लगनी है। पहले चरण में तीन वार्डों में करीब साढ़े तीन हजार लाइट लगेंगी, जिनमें वार्ड पांच, 14 व 18 शामिल हैं। करीब पांच वर्षों के इंतजार के बाद एलईडी लाइट लगते देख तीनों वार्ड के लोगों में खुशी है, पर अन्य वार्डों में यह काम शुरू न होने से निवर्तमान व पूर्व पार्षद नाराज हैं।
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वर्जन-
एलईडी लाइट लगाने का काम जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास है। इस संबंध में संबंधित अफसरों को पहले ही दिशा निर्देश दिए जा चुके हैं।-आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।