संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मानकपुर औद्योगिक क्षेत्र में पकड़े गए यूरिया के फर्जी बिल बनाकर वैध दिखाने के आरोपी डीलर भटौली निवासी सुमित से रिमांड के दौरान पुलिस ने लैपटॉप, प्रिंटर और मोबाइल बरामद किये हैं। इसके माध्यम से आरोपी ने फर्जी बिल तैयार किए थे। रविवार को रिमांड पूरा होने पर उसे अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस की टीमें अब इस केस में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। इस केस में गुण नियंत्रण निरीक्षक (क्यूसीआई) डा. बलबीर भान और दो यूट्यूबरों सहित तीन लोग भी आरोपी हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अनंत राम ने बताया कि मामले में अब तक डीलर सुमित और किसान सेवा केंद्र के संचालक भूखड़ी निवासी ब्रजेश कुमार उर्फ रिंकू को गिरफ्तार किया गया है। अब पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। मामले में कृषि विभाग एवं किसान कल्याण विभाग के गुणवत्ता नियंत्रण निरीक्षक (क्यूसीआई) डा. बलवीर भान पर आरोप है कि पांच फरवरी को जब मानकपुर औद्योगिक क्षेत्र से यूरिया खाद से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली पकड़ी गई तो उन्होंने फैक्ट्री मालिक और डीलर को बचाने के लिए खाद की फर्जी रिपोर्ट तैयार कर पुलिस को दी थी, जिसके जरिए यह साबित करने का प्रयास किया गया कि कृषि योग्य यूरिया फैक्ट्री में नहीं जा रही था। पुलिस के अनुसार, आरोपी बलबीर ने डीलर सुमित की मिलीभगत से फर्जी बिल तैयार करवाए थे। ट्रॉली से 130 बैग यूरिया बरामद किया गया था, जबकि बिल 90 बैग के दिखाए गए थे। इसी के बाद मामले की परतें खुलती चली गईं। आरोप है कि गुणवत्ता नियंत्रण निरीक्षक डा. बलबीर भान ने फैक्ट्री संचालक से दो लाख रुपये भी लिए थे। इनमें से मामले को दबाने के लिए 50 हजार रुपये मौके पर आए यू-ट्यूबरों को दिए गए थे। अब पुलिस इस केस में यू-ट्यूबरों की भी तलाश कर रही है।