यमुनानगर/रमाला (बागपत)। दिल्ली–सहारनपुर नेशनल हाईवे पर किशनपुर बराल गांव में निर्माणाधीन सीएनजी पंप के सामने मंगलवार देर रात स्विफ्ट डिजायर कार में यमुनानगर नगर निगम के एसडीओ दीपक कुमार (35) का शव मिला है। वह पलवल जिले के सिहौल गांव के रहने वाले थे। पुलिस ने कार का लॉक तोड़कर शव को बाहर निकाला। जांच में उनके चेहरे पर खून और सिर में पीछे की तरफ चोट लगी मिली।
पलवल जिले के सिहौल गांव के रहने वाले प्रभु दयाल ने बताया कि उनका बेटा दीपक वर्ष 2013 में नगर निकाय में एसडीओ पद पर तैनात हुआ था। उसकी ड्यूटी यमुनानगर जिले के नगर निगम में चल रही थी। 15 जून को दीपक घर से कार लेकर यमुनानगर में ड्यूटी के लिए निकले थे।
दोपहर बाद यमुनानगर में साथियों से उन्होंने फोन करके पता किया तो दीपक वहां नहीं पहुंचे और उनका फोन बंद मिला। इसके बाद से दीपक की तलाश में जुटे थे। उसी दिन शाम को दीपक ने उनके मोबाइल पर खरखौदा जिला सोनीपत की लोकेशन भेजी और वीडियो कॉल करके अपनी पत्नी नीरज से बातचीत की।
उन्होंने पत्नी को हाईवे किनारे ढाबे पर खाना खाने के बारे में बताया। इसके बाद फिर से फोन बंद हो गया। संपर्क नहीं होने पर उन्होंने परिवार वालों के साथ खरखौदा जाकर तलाश किया तो दीपक वहां नहीं मिले। मंगलवार को दिनभर दीपक के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद मंगलवार देर रात रमाला थाना पुलिस ने फोन करके कार में उसका शव पड़ा होने की जानकारी दी। रमाला थाना प्रभारी सूर्यदीप सिंह ने बताया कि किशनपुर बराल स्थित निर्माणाधीन सीएनजी पंप के पास गश्त के दौरान पुलिस को सड़क किनारे एक कार संदिग्ध हालत में खड़ी मिली। काफी देर तक कोई हलचल नहीं होने पर पुलिस ने कार का शीशा तोड़कर दरवाजा खोला तो पता चला कि ड्राइविंग सीट पर बैठे युवक की मौत हो चुकी थी। संवाद