संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। कबड्डी को ओलंपिक में शामिल करने के लिए क्रीड़ा भारती की ओर से अभियान छेड़ा गया है। इसके तहत जिले, प्रदेश व देश के सभी शहरों व गांवों में कबड्डी प्रतियोगिता करवाई जा रही है। कबड्डी को ओलंपिक में शामिल करने के उद्देश्य से ओलंपिक संघ ने क्रीड़ा भारती को प्रतियोगिताएं करवाने की जिम्मेदारी दी है। इसके तहत स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी सहित वरिष्ठ वर्ग की प्रतियोगिताएं करवाई जाएंगी।
जिला क्रीड़ा भारती के जिलाध्यक्ष सुमित गुप्ता ने बताया कि भारत में 2030 में कॉमन वेल्थ गेम्स करवाई जा रही है। वहीं, भारत ने 2036 में ओलंपिक की मेजबानी करने का प्रस्ताव पेश किया है। भारत को ओलंपिक खेल करवाने की अनुमति मिलने की पूरी संभावना है। उन्होंने बताया कि नियमानुसार जिस देश में ओलंपिक खेल होते हैं, उस देश को इसमें अपना कोई क्षेत्रीय खेल जोड़ने का अधिकार मिलता है।
ऐसे में भारतीय ओलंपिक संघ ने इसकी रणनीति तैयारी है। इसके तहत सभी जिलों में कबड्डी प्रतियोगिताएं करवाने की क्रीड़ा भारती को जिम्मेदारी दी गई है। जिलाध्यक्ष ने बताया कि इसके तहत जिलेभर में कबड्डी प्रतियोगिताएं करवाई जा रही है। पहले चरण पर यह कबड्डी प्रतियोगिता जिले के सभी राजकीय व निजी विद्यालयों में करवाई जाएगी। विद्यालयों में 9 से 14 और 14 से 19 आयुवर्ग श्रेणी में प्रतियोगिताएं करवाई जाएंगी। पहले यह प्रतियोगिताएं स्कूल स्तर पर होगी।
इसके बाद वार्ड और फिर खंड स्तर की प्रतियोगिताएं होंगी। खंड स्तर के बाद जिलास्तर की प्रतियोगिताएं करवाई जाएंगी। इसके बाद 19 से 35 वर्ष आयु वर्ग की प्रतियोगिताएं होंगी। इसमें कॉलेज, यूनिवर्सिटी सहित नौकरीपेशा व अन्य खिलाड़ी भी भाग ले सकेंगे। इसके बाद 35 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की प्रतियोगिताएं करवाई जानी है।
इस योजना के तहत जिले के स्कूल में प्रतियोगिताएं शुरू करवा दी गई हैं। सभी स्कूल संचालकों व प्राचार्याें से संपर्क कर विद्यार्थियों को इसमें भाग लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। विद्यालय अपनी सुविधा अनुसार दिन व तिथि का चयन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि कबड्डी हमारा पारंपरिक खेल है और यह गांवों से शहर तक बड़े स्तर पर खेला जाता है। यदि ओलंपिक में कबड्डी शामिल होती है तो देश को नई पहचान मिलेगी।