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कार्तिक पूर्णिमा : मध्य रात लगाई श्रद्धा की डुबकी

Fri, 15 Nov 2024 03:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कपालमोचन (यमुनानगर)। कपामोचन मेला में कपालमोचन, ऋणमोचन व सूरजकुंड सरोवरों में कार्तिक पूर्णिमा का स्नान करने के बाद पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश व अन्य राज्यों से आए श्रद्धालु वीरवार रात से ही लौटना शुरू हो गए। श्रद्धालुओं के वापस जाने का समय होते ही रोडवेज की बसें एक के बाद एक कपालमोचन में पहुंचने लगी।
श्रद्धालुओं के वापस जाने के दौरान कपालमोचन से लेकर बिलासपुर तक सड़कों पर जाम लग गया। जाम खुलवाने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। लौटने से पहले श्रद्धालुओं ने दिन में मेला क्षेत्र में लगी दुकानों से काफी खरीदारी की। आज से मेला में जिला यमुनानगर के अलावा प्रदेश के कई जिलों से लाखों लोग मेला देखने पहुंचेंगे।
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मेला में दुकानें लगाने वाले दुकानदारों को कार्तिक पूर्णिमा के बाद के शेष बचे दो दिनों का बेसब्री से इंतजार रहता है। क्योंकि स्थानीय लोग मेले में बच्चों व अपने लिए सामान की दिल खोल कर खरीदारी करते है। जिससे दुकानों की काफी बिक्री होती है और उन्हें अच्छा मुनाफा भी होता है। छह दिनों तक चलने वाले मेला में कुल मिलाकर आठ से दस करोड़ रुपये का सामान बिकता है।
बुधवार रात को मेला में अन्य दिनों की अपेक्षा काफी भीड़ थी। आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग मेला देखने पहुंचे थे। लोग प्रदर्शनी में भी गए। परंतु रात के नौ बजे तक प्रदर्शनी में कई स्टॉलों के पर्दे गिर चुके थे। लोग पर्दों के पीछे से स्टॉल में झांकते नजर आए। ऐसे में आसपास के दुकानदार प्रदर्शनी में लगे स्टॉलों से सरकार की योजनाओं व सुविधाओं का फायदा नहीं ले पाए।
सांग और नुक्कड़ नाटकों का लिया आनंद
इस वक्त मेले में सबसे ज्यादा भीड़ गुरु रविदास मंदिर, डेरा बाबा लाल दास में जुट रही है। मंदिर में मेला क्षेत्र का सबसे बड़ा पक्का हाॅल है। जिसमें रात को सबसे ज्यादा श्रद्धालु ठहरते हैं। हॉल के पास बने मंच पर गुरु रविदास मंदिर सभा कपालमोचन की तरफ से रोजाना सांग व नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया जा रहा है। इसमें धार्मिक से लेकर देशभक्ति कार्यक्रम प्रस्तुत किए जा रहे हैं। जिन्हें देखने के लिए रातभर भीड़ जुट रही है। गुरु रविदास मंदिर के महंत निर्मल दास ने बताया कि मंच पर केवल गुरु रविदास जी ही नही बल्कि सभी संत महात्माओं की गुरुबाणी का गुणगान किया जा रहा है। दूर-दूर से आए कलाकारों द्वारा नाटकों का मंचन किया जा रहा है। कपालमोचन मेला सद्भावना, एकता व भाईचारे का संदेश देता है। यहां आकर श्रद्धालुओं के मन को शांति मिलती है।
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मेले में एक-दूसरे से बिछड़े लोगों को मिलाया
संवाद न्यूज एजेंसी
कपालमोचन (यमुनानगर)। कपालमोचन मेला में भीड़ बढ़ने के साथ ही श्रद्धालुओं का एक दूसरे से बिछड़ने का सिलसिला भी तेज हो गया। मेला में बनाए गए सूचना एवं प्रसारण केंद्र में वीरवार को दिनभर सूचनाएं प्रसारित कराने वालों की भीड़ लगी रही। इस दौरान 12 छोटे बच्चे अपनों से बिछड़ गए। परिजनों से बिछड़े बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल था। बिछड़े बच्चों को संभाला जा सके इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर व आंगनबाड़ी वर्करों की ड्यूटी प्रसारण केंद्र में लगाई गई थी। बच्चों के लिए चुप कराया जा सके इसके लिए मौके पर एक भी खिलौना आदि नहीं था। यहां तक की बच्चों को खाने को देखने के लिए भी कोई सामान नहीं था। एक छोटा बच्चा जब चुप नहीं हुआ तो विभाग की कर्मचारी बच्चे को गोद में उठाकर उसके लिए मंदिर से प्रसाद या कोई मिठाई मांगती दिखी। वहीं सूचना एवं प्रसारण केंद्र की तरफ से मेला में 250 से अधिक लोगों को एक दूसरे से मिलाया गया। वहीं मेला में लोगों के गुम हुए 160 पर्स भी वापस कराए गए। साथ ही 160 पर्स व श्रद्धालुओं के 55 बैग लौटाए गए।
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