बिलासपुर। महर्षि वेद व्यास की कर्मस्थली बिलासपुर में तीर्थराज कपाल मोचन में 23 से 27 नवंबर तक धर्म, आध्यात्म और संस्कृति का संगम दिखेगा। प्रसिद्ध धार्मिक एवं ऐतिहासिक अंतरराज्यीय श्री कपाल मोचन-श्री आदि बद्री मेला के प्रबंधों को लेकर श्राइन बोर्ड कार्यालय कपाल मोचन बिलासपुर में बैठक हुई। प्रशासन ने बैठक में तैयारी के लिए मंथन किया। 23 नवंबर को श्री कपाल मोचन-श्री आदि बद्री मेला की प्रदर्शनी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन होगा।
श्री कपाल मोचन, श्री बद्री नारायण, श्री माता मंत्रा देवी, श्री केदारनाथ मंदिर धार्मिक एवं पूजा स्थल बोर्ड यमुनानगर के मेला प्रशासक एवं एसडीएम जसपाल सिंह गिल ने बताया कि 23 नवंबर को श्री कपाल मोचन-श्री आदि बद्री मेला की प्रदर्शनी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन होगा। जसपाल सिंह गिल ने जिला नगर योजनाकार, यमुनानगर, उप तहसीलदार व खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, बिलासपुर को निर्देश दिए गए कि गत वर्षों की भांति मेला क्षेत्र कपाल मोचन में प्रशासनिक ब्लॉक, प्रदर्शनी स्थल, खच्चर मंडी, वाहनों की पार्किंग आदि व अन्य सारे उद्देश्यों के लिए प्रयोग की जाने वाली भूमि की पड़ताल कर लें। उन्होंने कहा कि अधिग्रहण की जाने वाली भूमि पर कोई निर्माण आदि तो नहीं हो रहा है और अस्थाई अधिग्रहण का केस तैयार करके छह अक्तूबर तक डीसी कार्यालय की एमए शाखा में प्रस्तुत करें। इस संबंध में आवश्यकता अनुसार ही भूमि का अधिग्रहण किया जाए। मार्श आर्ट म्यूजियम कॉम्प्लेक्स के साथ पड़ी पंचायत समिति की भूमि का अधिक से अधिक प्रयोग किया जाए।
इस संबंध में उप तहसीलदार बिलासपुर द्वारा बताया गया कि चार अक्तूबर तक उनके विभाग द्वारा मौजा आहड़वाला व मौजा बिलासपुर की भूमि जो कि मेले में प्रयोग की जाती है उसका अक्स सजरा जिला नगर योजनाकार यमुनानगर के कार्यालय में भिजवा दिया जाएगा। इस मौके पर डीएसपी जितेंद्र, डिप्टी सीईओ जिला परिषद एवं बीडीपीओ बिलासपुर जसविंद्र सिंह, डीटीपी देसराज पचिसीया, टीएम रोडवेज संजय रावल,एएसआर राम मेहर, श्राईन बोर्ड से पंकज कुमार सहित अन्य सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।