संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। श्री त्र्यंबकेश्वर मंदिर राधा स्वामी कॉलोनी में आयोजित शिव अमृत कथा के दूसरे दिन कथा वाचक निखिल महाराज ने भगवान शिव शंकर की महिमा को संगीतमय ढंग से सुनाया। कथा व्यास ने कहा कि शिव पुराण की महिमा अपार है। जिसके श्रवण मात्र से मानव के दुख व कष्ट मिट जाते हैं।
शिव की आराधना करने से मानव कल्याण के मार्ग की ओर अग्रसर हो जाता है। जिसे भगवान का प्रेम प्राप्त हो वह भाग्यशाली है। भगवान के विषय में जानने के लिए जिज्ञासु हो, वह भाग्यवान है। हम लोग जिस कलयुग में जी रहे हैं इस युग में बड़े-बड़े महात्माओं ने गहरा चिंतन किया हैं। जो भक्ति को धारण करता है वह कलयुग के प्रभाव से बच जाता है।
जीवन में तीन ताप परेशान करें तो भगवान शिव के निकट पहुंच जाएं जिससे हमें तीनों ताप से छुटकारा मिलता है। कथा वाचक ने कहा कि तब तक कलयुग के पाप परेशान करेंगे जब तक शिवपुराण हमारे जीवन में शामिल न हो जाए ,यही शिवपुराण की महिमा है। भगवान शंकर की मंगल राशि है। उनका नाम और ध्यान भी मंगलमय है।
शिव जैसा समान दृष्टि कौन होगा, महादेव दैत्य एवं देवों के लिए सदा कृपा वंत रहते हैंं। भगवान शिव काल के ऊपर हैं। वह अजर अमर हैं, उनको वृद्धावस्था छूती तक नहीं है। भगवान शिव की महिमा का बखान करते हुए स्वामी ने कहा कि भगवान शिव विनोदशील है। वह सदैव प्रसन्न रहते हैं। शिव की जीवन शैली में विरोधाभास भी प्रसन्न रहते हैं। भगवान शिव की पूजा अर्चना करने से जाने अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति मिलती है।