यमुनानगर। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के चलते कलेसर नेशनल पार्क व वाइल्ड लाइफ सेंचुरी को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। नेशनल पार्क में जंगल सफारी पर भी अगले आदेशों तक रोक लगा दी गई है। हालात सामान्य होने पर ही जंगल सफारी करने का अवसर सैलानियों को दिया जाएगा। वैसे तो कोरोना महामारी के चलते पहले ही पर्यटक काफी कम आ रहे थे। अब हैदराबाद के नेहरू जूलोजिकल पार्क में 8 एशियाई शेर कोरोना संक्रमित पाए जाने पर वाइल्ड लाइफ विभाग के अधिकारी चौकन्ने हो गए हैं।
ऐसे में वन्य जीव विभाग द्वारा कलेसर के जंगल में मौजूद तेंदुए, हाथी व अन्य जंगली जानवरों की निगरानी भी की जाएगी, ताकि अगर जंगली जानवरों में कोई संक्रमण भी फैलता है तो उसका समय रहते पता चल सके। जिला वन्य जीव निरीक्षक सुनील तंवर का कहना है कि वन्यजीवों और पक्षियों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो इसका पूरा इंतजाम किया गया है। कर्मचारियों को इस बात की हिदायत दी गई है कि यदि किसी भी वन्यजीव और पक्षियों के व्यवहार में कोई बदलाव दिखता है तो इसकी तत्काल जानकारी दी जाए ताकि समय रहते कदम उठाए जा सकें। उन्होंने बताया कि कलेसर नेशनल पार्क काफी बड़े इलाके में फैला हुआ है और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र भी है। ऐसे में प्रत्येक जीव जंतु पर निगरानी तो संभव नहीं है, लेकिन हमारा जितना प्रयास होगा कि ज्यादा से ज्यादा जानवरों की निगरानी की जाए।
उन्होंने बताया कि मुख्यालय के आदेश पर फिलहाल पार्क को तत्काल प्रभाव से पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। सभी कर्मचारियों को इस बात की हिदायत दी गई है कि वे कोरोना संक्रमण को लेकर जो गाइडलाइन जारी की गई है उसका कड़ाई से पालन करें। कोरोना महामारी फैलने से पहले नेशनल पार्क में बड़ी संख्या में पर्यटक आ रहे थे, लेकिन जैसे ही महामारी ने दोबारा पांव पसारना शुरू किया तो पर्यटकों की संख्या कम होती चली गई। जब तक स्थितियां सामान्य नहीं होती हैं पार्क बंद रहेगा।
नेशनल पार्क में जंगल सफारी पर रोक
-कलेसर नेशनल पार्क में देश-विदेश के पर्यटक जंगल सफारी का आनंद उठाने आते हैं। गर्मी के सीजन में तो पर्यटकों की संख्या बहुत अधिक बढ़ जाती है। सैलानियों को जंगल सफारी के साथ ही गेस्ट हाउस में रात्रि विश्राम की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है, लेकिन देश में कोरोना की दूसरी लहर ने सभी कार्य प्रभावित कर दिए हैं। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के चलते नेशनल पार्क में जंगल सफारी पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। ऐसे में जंगली जानवरों में भी कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है। यहां हाथी, तेंदुए, हिरण, जंगली बिलाव, लंगूर समेत अन्य कई तरह के जंगली जानवर मौजूद हैं। नेशनल पार्क करीब 11 हजार एकड़ से ज्यादा एरिया में फैला हुआ है।