संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। खंड सरस्वती नगर के गांव ऊंचा चांदना का जसप्रीत सिंह उर्फ जस्सी पावर लिफ्टिंग खेल में जिले, प्रदेश व देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर रहे हैं। जस्सी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अब तक आठ पदक जीत चुके हैं। पिछले साल नवंबर में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में एक साथ तीन पदक जीतकर उसने कीर्तिमान स्थापित किया है। जसप्रीत को रा फाउंडेशन की ओर से स्ट्रांग मैन का खिताब दिया गया है।
27 वर्षीय जसप्रीत उर्फ जस्सी ने बताया कि वर्ल्ड चैंपियनशिप करनाल के मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में 28 नवंबर से एक दिसंबर तक हुई। यह प्रतियोगिता रा फेडरेशन की ओर से करवाई गई थी। इसमें 27 देशों के करीब 200 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। जस्सी ने बताया कि चैंपियनशिप में जिले से वह इकलौता खिलाड़ी था। इसमें उसने देश का प्रतिनिधित्व करते हुए ओपन वरिष्ठ श्रेणी व 340 किलोग्राम भारवर्ग में हिस्सा लिया।
पॉवरलिफ्टिंग के डेड लिफ्ट इवेंट में उसने 340 किलोग्राम वजन उठाया। ऐसे ही बेंच प्रेस में 190 किलोग्राम व डेड लिफ्ट स्क्वाट में 320 किलोग्राम भार उठाया। सही तकनीक व सबसे अधिक वजन उठाने पर तीनों इवेंट में उसने स्वर्ण पदक प्राप्त किया। इन पदकों के साथ आयोजकों ने उसे स्ट्रांग मैन का खिताब देकर सम्मानित किया।
जसप्रीत ने बताया कि वह अब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आठ पदक जीत चुका है। इससे पहले तीन स्वर्ण 16 जून 2022 को दुबई में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी उसने तीन जीते थे। इसी तरह दो स्वर्ण पदक 18 जुलाई 2023 की अंतरराष्ट्रीय पावर लिफ्टिंग में जीते। इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर पर भी पांच पदक जीत चुका है। राज्य व जिले स्तर पर कई पदक हैं। जस्सी ने बताया कि उसका लक्ष्य इंग्लैंड में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक जीतना है।
भाई के प्रोत्साहन से बने पावर लिफ्टिर
छह फीट तीन इंच लंबे जसप्रीत ने बताया कि उसकी लंबाई देख बड़े भाई गुरमीत सिंह ने उसे पावरलिफ्टिंग खेल में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। बड़े भाई के प्रोत्साहन पर उसने इसका अभ्यास शुरू कर दिया। इसके बाद जिलास्तरीय पावर लिफ्टिंग स्पर्धा में पहली बार हिस्सा लेने पर स्वर्ण पदक जीता, जिससे उसका उत्साह व आत्मविश्वास बढ़ा। उसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। जस्सी के पिता सुरेंद्र सिंह किसान हैं, उन्होंने बेटे की लगन को प्रोत्साहित किया और आगे बढ़ने में हर संभव मदद की। इसमें उसकी पत्नी सिमरनदीप कौर ने भी उनका बहुत साथ दिया।