संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सब डिवीजन अस्पताल जगाधरी में हॉटलाइन लगाने का मामला फंसता दिख रहा है। अस्पताल की ओर से जमा कराए गए 17 लाख 64 हजार रुपये कहां गए, बिजली निगम के अधिकारी इसका पता नहीं लगा पाए हैं। अस्पताल के एमएस की तरफ से कई बार बिजली निगम के एसई से लेकर मुख्यालय तक में पत्राचार भी किया जा चुका है।
जगाधरी के 100 बेड के अस्पताल में आए दिन बिजली के कट लगते रहते हैं। गर्मी में पंखे व कूलर बंद होने से मरीज गर्मी से बेहाल हो जाते हैं। वहीं कभी कंप्यूटर बंद हो जाते हैं तो कभी अंधेरा पसर जाता है। इस समस्या से हमेशा के लिए छुटकारा पाने लिए इसके अस्पताल के एमएस डाॅ. अनुज मंगला ने बिजली की हॉट लाइन लगवाने की योजना बनाई।
इस दौरान पता चला कि वर्ष 2012 में चेक के माध्यम से 17 लाख 64 हजार रुपये बिजली निगम के खाते में जमा किए गए थे। परंतु रुपये लेकर भी बिजली निगम ने अस्पताल में हॉटलाइन नहीं लगाई। इसे लेकर डॉ. अनुज मंगला ने बिजली निगम में संपर्क किया, लेकिन कई बार रिमाइंडर भेजने के बाद भी इस राशि के बारे में कोई जवाब नहीं मिल पाया है। इस राशि के संबंध में कोई जानकारी न होने से साफ इंकार कर दिया।
सब डिवीजन अस्पताल जगाधरी के एमएस डॉ. अनुज मंगला का कहना है कि 17.64 लाख रुपये हॉट लाइन के लिए बिजली निगम के खाते में जमा कराए गए थे। हॉटलाइन लगना तो दूर अभी तक उन्हें यह भी नहीं बताया गया कि यह राशि निगम के किस अधिकारी के पास पड़ी है। इसे लेकर वह कई बार पत्राचार कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई जानकारी नहीं दी गई है।
इस बारे में मुख्यालय से डिटेल मांगी गई थी जो आ गई है। इसे जल्द ही अस्पताल के एमएस के साथ साझा किया जाएगा। - पुनीत कुमार, एसई बिजली निगम।