संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। बजट से किसान कितने खुश हैं और कितने नाखुश, इसे लेकर गुंदियाना गांव में किसान चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल में किसानों की समस्याओं और बजट में मिली सौगात पर विस्तार से चर्चा की गई। किसान आम बजट से ज्यादा खुश नहीं है। किसानों का कहना है कि उनसे संबंधित जो भी बड़े मुद्दे हैं उनका बजट में जिक्र तक नहीं किया गया। एमएसपी कानून की घोषणा न होने को किसानों ने निराशाजनक बताया है।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष संजू ने कहा कि बजट किसानों का न होकर पूंजीपतियों का है। गत 11 साल में केंद्र की मोदी सरकार ने किसानों के लिए कुछ भी नहीं किया है।
किसानों को उम्मीद थी कि बजट में एमएसपी पर फसल खरीद का कानून बनाने को लेकर कोई घोषणा होगी, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं होगा। किसान मान कर चल रहे थे कि उनका कर्जा माफ होगा, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।
किसान रविंद्र ने कहा कि किसानों को बिजाई के लिए बीज व कीटनाशक बहुत महंगे दाम पर मिल रहे हैं। जिस कारण फसलों का लागत मूल्य बढ़ रहा है। किसान तो सालभर केवल आंदोलन करने के लिए ही रह गया है। किसान ज्ञान सिंह व धर्मपाल ने कहा कि कर्जमंद होकर किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो गया है।