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Yamuna Nagar News: बौद्ध स्तूप चनेटी के विकास की बजट से बढ़ी उम्मीद

Sun, 02 Feb 2025 12:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। आम बजट में बौद्ध स्मारकों को पर्यटन केंद्रों के तौर पर विकसित करने की बात कही गई है। इस घोषणा से जगाधरी से सटे चनेटी गांव स्थित बौद्ध स्तूप के अच्छे दिन आने की उम्मीद बढ़ गई है।
चनेटी में बने बौद्ध स्तूप की देश-दुनिया में अलग ही पहचान है। यहां बना बौद्ध स्तूप करीब 2500 साल पुराना बताया जाता है। बौद्ध स्तूप की वजह से ही चनेटी गांव जाना जाता है। बौद्ध स्तूप पर भारत के अलावा, जापान, तिब्बत, बर्मा, थाईलैंड, चीन आदि से बौद्ध अनुयायी प्रार्थना के लिए आते हैं। वे स्तूप की परिक्रमा भी करते हैं।
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बौद्ध स्तूप के दर्शन करने के लिए भले ही कई देशों से अनुयायी दर्शन करने के लिए आते हैं, लेकिन अभी तक यह अनदेखी का शिकार रहा है। सियासी लोग राजनीति को चमकाने के लिए यहां आकर फोटो खिंचवा कर लौट जाते हैं। इस बौद्ध स्मारक को विकसित करने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया।
चनेटी गांव के विशाल, शिव कुमार, दर्शन लाल, आशीष व लक्ष्मी ने बताया कि स्तूप प्रांगण में अभी तक विश्राम स्थल नहीं है। विदेशों या फिर दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों के ठहरने की यहां कोई व्यवस्था नहीं है। लोगों को हजारों रुपये खर्च कर होटलों में ठहरना पड़ता है। शहर यहां से कई किलोमीटर दूर है।
यहां कोई कैंटीन भी नहीं है। इससे लोगों को खाने-पीने का सामान नहीं मिलता। यहां पर शौचालय व वाटर कूलर नहीं होने से भी पर्यटक काफी परेशान रहते हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि स्तूप के आसपास झाड़ियां हैं। नगर निगम की तरफ से यहां सफाई तक नहीं कराई जाती। लाइटें खराब हो गई हैं। शाम होते ही यहां अंधेरा पसर जाता है।
बौद्ध स्तूप की देखरेख के लिए एक केयर टेकर रखा गया है। रोजाना कितने लोग इसे देखने आते हैं यह भी रजिस्टर में नोट करता है। रोजाना 15 से 20 लोग इसे देखने के लिए आते हैं। रविवार को यहां आने वालों का आंकड़ा 50 को पार कर जाता है। इसे देख कर लोग इसकी बनावट की तारीफ किए बिना नहीं रह सकते। इस क्षण को यादगार बनाने के लिए लोग इसके पास बैठ कर भोजन तक करते हैं।
चनेटी गांव में करीब 100 वर्ग मीटर के क्षेत्र में बना बौद्ध स्तूप कारीगरी की मिसाल है। यह आठ मीटर ऊंचा है। इस स्तूप को चाहे किसी भी जगह से देखें तो यह एक जैसा ही दिखता है। हेन त्सांग के अनुसार यह राजा अशोक की ओर से बनवाया गया था। चनेटी में यह स्तूप युआन चवंग द्वारा संदर्भित दसियों में से एक था। इस बेक्ड ईंट स्तूप का निर्माण करने के लिए, गाढ़ा परतों को एक से दूसरे पर रखा गया। यह स्तूप टैक्सिला में शाहपुर और धर्मराजिका स्तूप से मेल खाता है।
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विकास हो तो ज्यादा लोग आएंगे : सिद्धार्थ गौरी
द बौद्धिस्ट फोरम के अध्यक्ष सिद्धार्थ गौरी का कहना है कि चनेटी के अलावा सुघ गांव और टोपरा कलां बौद्ध धर्म का केंद्र रहा है। बजट में बौद्ध स्मारकों को विकसित करने की घोषणा होने के बाद चनेटी में बौद्ध स्तूप पर विकास कार्य होने की उम्मीद बढ़ गई है। यदि यहां पर सभी सुविधाएं मिलें तो बौद्ध अनुयायियों के अलावा पर्यटक भी बड़ी संख्या में आएंगे।
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