संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। अभिभावकों को धोखे में रखकर उनके बच्चों का दाखिला करने वाले जिले के 47 अमान्य स्कूलों के खिलाफ विभाग ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। विभाग ने ऐसे सभी स्कूल बंद करने का निर्णय लिया है। साथ ही इन स्कूलों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। यदि अभिभावक स्कूल के खिलाफ शिकायत देते हैं तो जिला शिक्षा विभाग इन स्कूलों पर एफआईआर भी दर्ज करवाएगा।
जिला शिक्षा विभाग ने इस दिशा में अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके लिए सभी क्लस्टर हेड को जिम्मेदारी दी गई है कि वे क्षेत्र में चल रहे स्कूलों की जानकारी विभाग को दें। इसके बाद विभाग इन सभी स्कूलों की जांच करेगा और अमान्य स्कूल मौके पर ही बंद किए जाएंगें। यही नहीं इन स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को निकटतम सरकारी स्कूल में दाखिला दिया जाएगा। वहीं अभिभावक की सिफारिश पर अन्य निजी स्कूल में भी दाखिला दिलवाया जाएगा। विभाग के इस कदम से ऐसे तमाम स्कूल संचालकों में हड़कंप मच गया है। शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों को आदेश दिए थे कि वे विभागीय नियमों के अनुसार मान्यता ले लें। स्कूलों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
समय निकलने के बाद बाद निदेशालय ने अन्य स्कूलों को अस्थायी मान्यता देने से मना कर दिया। वहीं नए सत्र से पहले सभी जिला अधिकारियों को आदेश दिए कि ऐसे स्कूलों की सूची तैयार कर उनके नाम सार्वजनिक किए जाएं। जिससे लोग इन स्कूल संचालकों के झांसे में न फंसे और अपने बच्चों का दाखिला इन स्कूलों में न करवाएं।
जिला स्तर पर यह सूची बनाने में देरी हो गई। दूसरी तरफ आदेशों को ठेंगा दिखा इन सभी स्कूलों ने धड़ाधड़ बच्चों के दाखिले ले लिए। परंतु अब विभाग इन स्कूलों को बंद करने की तैयारी में जुट गया है। जिले में 47 अमान्य स्कूल हैं। इनमें 37 स्कूल गैरकानूनी तरीके से चल रहे हैं। वहीं 10 स्कूलों के पास केवल कुछ कक्षाओं की मान्यता हैं, लेकिन यह पहली से 12वीं तक कक्षाएं लगा रहे हैं। इन स्कूलों में 10 हजार से ज्यादा विद्यार्थी पढ़ रहे हैं।
विद्यार्थियों की पुस्तकों, वर्दी पर दोबारा करना होगा खर्च
तमाम अमान्य स्कूलों ने दाखिले के साथ नई कक्षाओं की पुस्तकें भी निजी प्रकाशकों की लगाई हैं। वहीं, स्कूल की वर्दी भी नए सत्र में खरीदनी पड़ी है। ऐसे में यदि स्कूल बंद होता है तो अभिभावकों को बच्चे निकालने पड़ेंगे। शिक्षा विभाग दाखिला, फीस व अन्य शुल्क तो वापस करवा देगा, लेकिन पुस्तकें व वर्दी का खर्च दोबारा से करना पड़ेगा। इससे अभिभावकों को ही नुकसान होगा।
स्कूलों से फीस कार्रवाई जाएगी वापस : जिला शिक्षा अधिकारी
जिला शिक्षा अधिकारी धर्मेंद्र चौधरी ने बताया कि बिना अनुमति चल रहे सभी स्कूल बंद किए जाएंगे। इसके लिए विभाग ने कसरत शुरू कर दी है। इन स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को निकटतम राजकीय स्कूलों में दाखिला दिया जाएगा। यदि अभिभावक निजी स्कूल के लिए समर्थ होंगे तो अन्य स्कूल में प्रवेश दिलवाया जाएगा। इस दौरान अमान्य स्कूलों से अभिभावकों को पूरी फीस व अन्य शुल्क वापस दिलवाया जाएगा। यदि अभिभावक इनके खिलाफ शिकायत देंगे तो विभाग एफआईआर भी करवाएगा। अभिभावक स्वयं से भी ऐसे स्कूलों के खिलाफ धोखाधड़ी की थाने में शिकायत देकर सीधा केस दर्ज करवा सकते हैं।