संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। आई-लीग के चैंपियन एवं अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी सुमित पासी मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी नीरज गोयत से मिले। इस दौरान दोनों खिलाड़ियों ने शानदार उपलब्धियों के लिए एक दूसरे को बधाई दी। इस दौरान खेलों और शहर को स्वच्छ बनाने के लिए नीरज गोयत ने सुमित पासी से चर्चा की और सुझाव मांगें।
नीरज गोयत नगर निगम के स्वच्छता के ब्रांड एंबेसडर हैं और इन दिनों स्वच्छता अभियान को लेकर लोगों के बीच जा रहे हैं। वहीं, आई-लीग का विवादित मामला निपटने के बाद इंटर काशी टीम इंडियन लीग की चैंपियन बन गई है। शहर निवासी अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी सुमित जय पासी इंटर काशी टीम के कप्तान हैं। लीग चैंपियन बनने के बाद सुमित पासी रविवार को घर पहुंचे थे। वहीं, मुक्केबाज नीरज गोयत ने दुबई में अमेरिकी मुक्केबाज एंथनी टेलर हराकर देश का नाम रोशन किया है।
मंगलवार को नीरज गोयत और सुमित जय पासी की मुलाकात हुई। नीरज गोयत ने सुमित पासी को अपने फार्म पर आमंत्रित किया। इस दौरान दोनों दिग्गज खिलाड़ियों ने जिले में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने को लेकर चर्चा की। दोनों के बीच में जिले में खेलों को बढ़ावा देने को लेकर उठाए जाने वाले आवश्यक कदमों पर मंत्रणा की। इस दौरान सुमित पासी ने कहा कि खेलों को बढ़ावा देने के लिए स्कूली स्तर पर काम करना जरूरी है।
इसके लिए दोनों खिलाड़ियों ने स्कूलों में पहुंचकर विद्यार्थियों को खेलों के प्रति जागरूक करने की योजना पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि खेलों को बढ़ावा मिलने से युवा नशा सहित अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रहेंगे। नीरज गोयत ने सुमित पासी से शहर को स्वच्छ बनाए रखने को लेकर लोगों के बीच पहुंचकर संदेश देने का आग्रह किया।
उन्होंने सुमित पासी को अभियान का हिस्सा बनकर इसे कारगर बनाने की अपील की। इस दौरान सुमित पासी ने नीरज गोयत को इंटर काशी फुटबॉल क्लब की जर्सी देकर सम्मानित किया। वहीं, नीरज गोयत ने सुमित को मिला पदक पहनाकर सम्मानित किया। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी पंकज चुघ, कोच शुभम पासी, राजू भाटिया सहित अन्य उपस्थित रहे।
जिले में फुटबॉल का भविष्य सुनहरा : सुमित
सुमित पासी ने कहा कि जिले में फुटबॉल का भविष्य सुनहरा है। जिले व प्रदेश से ही नहीं बल्कि देश भर के खिलाड़ियों ने फुटबॉल में भारत का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि जिले के युवाओं में फुटबॉल को लेकर रूझान बढ़ा है। जिले में अंडर-14, अंडर-17, अंडर-19 और अंडर-21 सहित सीनियर खिलाड़ियों की बेहतरीन टीमें हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से कभी संघर्ष से डर कर पीछे न हटने की अपील की। उन्होंने कहा कि सफलता केवल कड़ी मेहनत देखती है।