जगाधरी। बल्क वेस्ट जनरेटर (बीडब्ल्यूजी) की श्रेणी में आने वाले होटल, मैरिज पैलेस, रेस्टोरेंट व अन्य प्रतिष्ठान व संस्थान अपने कचरे का स्वयं निस्तारण करें। यदि उनके द्वारा कचरा सड़क या अन्य स्थान पर बहाया जा रहा है तो कार्रवाई की जाए। यह बात नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने सोमवार को सफाई शाखा व अभियंता शाखा के अधिकारियों की बैठक कही।
बैठक में उन्होंने सफाई व्यवस्था, शहर के मुख्य मार्गाें की स्वीपिंग मशीन से सफाई, डोर टू डोर कचरा कलेक्शन, खुले में बने कचरा प्वाइंट खत्म करने, कचरे का निस्तारण, कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों, सेकेंडरी प्वाइंट से कचरा उठान, नालों की सफाई समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने जल्द से जल्द सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने के आदेश दिए। वहीं, डोर टू डोर कचरा कलेक्शन करने वाली एजेंसी को सप्ताह भर में अपने संसाधन पूरे कर व्यवस्था में सुधार करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने तीनों मुख्य सफाई निरीक्षकों को सभी सफाई निरीक्षकों व सहायक सफाई निरीक्षकों के कार्यक्षेत्र निर्धारित कर हर वार्ड की हर कॉलोनी की सफाई व्यवस्था बेहतर करने के निर्देश दिए। वे अपने क्षेत्र में टीमें लगाकर सफाई की मॉनिटरिंग करें। वे हर वार्ड में सफाई निरीक्षकों, सुपरवाइजर व दरोगाओं की ड्यूटी लगाकर गली, सड़क की सफाई करें और कचरे का तुरंत उठान करें। इसके साथ डोर टू डोर कचरा उठान में सुधार लाएं, ताकि कहीं भी कोई कचरे का ढेर नजर नहीं आए। उन्होंने एजेंसी द्वारा लगाए संसाधनों की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र से लगभग 241 टन कचरा प्रतिदिन निकलता है। निगम क्षेत्र में एक लाख 43 हजार घर हैं। दो सितंबर से ही नई एजेंसी को डोर टू डोर कचरा कलेक्शन का ठेका दिया गया है। अभी एजेंसी के 48 टिप्पर और 60 रेहड़ियों द्वारा डोर टू डोर कचरा कलेक्शन किया जा रहा है। सप्ताह भर में बाकी संसाधन भी पूरे किए जाएंगे। जल्द ही सफाई व्यवस्था बेहतर और दुरुस्त होगी। इस दौरान विशेष सफाई अधिकारी अनिल कुमार यादव (एचसीएस), निगम उपायुक्त कुलदीप मलिक, एक्सईएन विकास धीमान, एक्सईएन दलचंद, सीएसआई अनिल नैन, सीएसआई हरजीत सिंह, सीएसआई विनोद बेनीवाल, एसआई गोविंद शर्मा, निगम अभियंता मुनेश्वर भारद्वाज, मृणाल जायसवाल, दीपक, राकेश जून, सुरेंद्र दहिया, राजेश शर्मा, दर्शन लाल सहित अन्य मौजूद रहे।
फोटो - बैठक में अधिकारियों को निर्देश देते नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद।