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Yamuna Nagar News: दो साल में 20,000 से अधिक बच्चों ने छोड़ा सरकारी स्कूल

Mon, 29 Dec 2025 12:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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कक्षा में पढ़ाई करते विद्यार्थी। आर्काइव
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संवाद न्यूज एजेंसी
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जगाधरी। राजकीय विद्यालयों में पढ़ाई छोड़कर चले गए विद्यार्थियों को वापस विद्यालय लाने की निदेशालय ने योजना बनाई है। इसके तहत ड्रॉपआउट विद्यार्थियों का पता लगाने के लिए सर्वे किया जाएगा। इन विद्यार्थियों को वापस विद्यालय में लाने का प्रयास है।
सर्वे में यह भी पता किया जाएगा कि चले गए विद्यार्थी राजकीय विद्यालय से गए हैं और निजी में पढ़ रहे हैं या उन्होंने पढ़ाई ही छोड़ दी है। इसके लिए जनवरी में शिक्षक सर्वे करेंगे। इसके लिए हरियाणा विद्यालय शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से पत्र जारी किया गया है। इसका उद्देश्य स्कूल से बाहर रहने वाला एक भी बच्चा नहीं का उद्देश्य प्राप्त करना है। योजना के अनुसार यह सर्वे चार चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।
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पहले स्कूल स्तर पर यह सर्वे होगा। इसके बाद कलस्टर स्तर पर बच्चों की जानकारी जुटाई जाएगी। इसके बाद खंड और फिर जिलास्तर पर इसका सर्वे किया जाना है। यह सर्वे नव वर्ष जनवरी के पहले पखवाड़े में किया जाएगा। सर्वे में बच्चों के पढ़ाई छोड़ने के कारणों की समीक्षा की जाएगी। सामाजिक, आर्थिक व पारिवारिक कारणों से पढ़ाई छोड़ने की समीक्षा की जाएगी। वहीं, जो राजकीय विद्यालय छोड़ निजी में गए है, उनकी भी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। जिले के राजकीय विद्यालयों से दो वर्षों में 20 हजार से ज्यादा विद्यार्थी पढ़ाई छोड़कर चले गए हैं। सर्वे एक जनवरी से शुरू होगा। इसके तहत नौ जनवरी तक शिक्षक विद्यालय स्तर पर सर्वे करेंगे। इसके लिए शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत प्रतिनिधि, शिक्षा स्वयं सेवक घर-घर जाकर ऐसे बच्चों की जानकारी जुटाएंगे। प्राथमिक स्तर पर पहले विद्यालय के गत वर्षों में दाखिला का अंतर देखा जाए और जो बच्चे बीच में पढ़ाई छोड़ गए हैं, उनके घर पहुंचकर जानकारी ली जाएगी।
इसके बाद 12 व 13 जनवरी को कलस्टर स्तर पर सर्वे किया जाएगा। खंड स्तर पर 14 व 15 जनवरी को सर्वे किया जाएगा। इसके बाद 16 से 19 जनवरी तक जिला स्तर पर इसकी जानकारी संकलन, मिलान व सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद छह से सात वर्ष के बच्चों को पास की प्राथमिक पाठशाला में सीधा दाखिला दिया जाएगा।
शिक्षकों के लिए आसान नहीं होगा रिपोर्ट तैयार करना

शिक्षकों के लिए पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों का सर्वे व उसकी रिपोर्ट तैयार करनी आसान नहीं होगी। चूंकि दो साल में जिले के राजकीय विद्यालयों से 20,635 विद्यार्थी पलायन कर चुके हैं। विभाग को इन बच्चों के चले जाने का कारण नहीं पता है। इनमें स्लम बस्तियों, ईंट भट्ठों, सड़क निर्माण मजदूरों, भिक्षावृत्ति में संलिप्त बच्चों तक पकड़ बनाना मुश्किल है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022 में जिले के राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की कुल संख्या 1,07,386 थी। वर्ष 2023 में विद्यार्थियों की संख्या घटकर 1,07,212 हो गई। वहीं, वर्ष 2024 में यह संख्या और घटी और राजकीय विद्यालयों में करीब 97,200 विद्यार्थी रह गए। वहीं, इस वर्ष राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या 86,517 है।
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विद्यालयों से पढ़ाई छोड़ चुके विद्यार्थियों को वापस लाने के लिए सर्वे किया जा रहा है। छह से सात साल के बच्चे का पास के प्राथमिक पाठशाला में दाखिला करवाया जाएगा। अन्य की सूची तैयार कर पढ़ाई छोड़ने के कारणों की समीक्षा की जाएगी। - प्रेमलता बक्शी, जिला शिक्षा अधिकारी।
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