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स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंकिंग में सुधार, बची अधिकारियों की लाज

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Improvement in the ranking of Swachh Survekshan, the shame of the remaining officers - फोटो : Yamuna Nagar
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यमुनानगर। स्वच्छता में फिसड्डी हालात के आरोपों में घिरे नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी को स्वच्छता सर्वेक्षण-2022 के परिणामों ने इस बार अधिकारियों की लाज रख ली। चूंकि 2021 के सर्वेक्षण में मिले 243वां रैंक से 73 पायदान ऊपर छलांग लगाते हुए शहर (नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी) ने 2022 के सर्वेक्षण में 170 वां रैंक पाया है। यह रैंक देश के एक से 10 लाख की आबादी वाले 382 शहरों की सूची में है। जबकि राज्य (हरियाणा) के एक से 10 लाख की आबादी वाले 19 शहरों में अपने शहर (नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी) का 12वां रैंक है। हालांकि स्वच्छता सर्वेक्षण-2022 के परिणामों से नगर निगम अफसर खुश नजर आ रहे हैं, पर शहर में स्वच्छता के मौजूदा हालात से वार्डों के पार्षदों से लेकर शहर के लोग दुखी हैं।
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सर्वे के समय ही काम इसलिए कागजों में सुधार, पर सर्वे बाद बिगड़े हालात
विपक्षी पार्षदों में वार्ड-चार से देवेंद्र सिंह, आठ से विनोद मरवाह, 13 से निर्मल चौहान ने आरोप लगाया कि स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत जब केंद्रीय टीमों को शहर में सर्वे करने आना होता है, तभी शहर में स्वच्छता को लेकर कुछ काम लगते हैं। यही कारण है कि सर्वेक्षण के परिणामों में कागजों में तो शहर की स्वच्छता सुधर रही है, पर सर्वेक्षण के बाद हालात बिगड़ जाते हैं। ठीक ऐसा ही मौजूदा समय में बीते चार माह से है, जिसमें न तो नियमित डोर टू डोर कचरा उठान हुआ और न उसका प्रबंधन। होना ये चाहिए कि जिस तरह सर्वेक्षण के समय शहर में चारों ओर स्वच्छता के काम लगते हैं, उसी तरह पूरे साल व्यवस्था रहे तो जमीनी स्तर पर भी स्वच्छता में शहर अव्वल रहे।
7500 में मिले 3195 अंक
उल्लेखनीय है कि स्वच्छ सर्वेक्षण-2022 कुल 7500 अंकों का था। इनमें सर्विस लेवल प्रोग्रेस (डिजिटल ट्रैकिंग और सफाई मित्र सुरक्षा) के 3000 अंक, सर्टिफिकेशन (वाटर प्लस और थ्री स्टार रेटिंग) के 2250 अंक व सिटीजन वाइस और महामारी की तैयारी के 2250 अंक निर्धारित थे। आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के स्वच्छता सर्वेक्षण-2022 के पोर्टल पर जारी किए परिणाम के मुताबिक एक से 10 लाख की आबादी वाली 382 शहरों की में नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी का 170वां रैंक है। जिसे 7500 में से 3195 अंक मिले, जिनमें 1408 अंक सिटीजन वाइस के हैं। बीते वर्षों की बात करें तो वर्ष-2017 में 346, वर्ष- 2018 में 310, वर्ष- 2019 में 218, वर्ष-2020 में 147 व वर्ष 2021 में 243वां रैंक था।
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लगातार बेहतरी के हो रहे प्रयास
नगर निगम आयुक्त आयुष सिन्हा ने बताया कि शहर में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर करने के लगातार प्रयास हो रहे हैं। डोर टू डोर कचरे के उठान से निस्तारण तक की पूरी प्रक्रिया के लिए काम ठेके पर दे दिया गया है, जल्द काम शुरू होगा। जिसके बाद कचरे के उठान व निस्तारण की समस्या नहीं होगी। इसके अलावा शहरवासियों को भी गीला-सूखा व अन्य कचरा अलग-अलग करने व कचरे के सही प्रबंधन में नगर निगम का सहयोग करना चाहिए, ताकि शहर को स्वच्छता के मामले में अव्वल स्थान दिलाया जा सके।
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