संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। उपमंडल रादौर के गांव पोटली में चार माह से रास्ते को लेकर धरने पर बैठे किसानों ने मंगलवार को जिला सचिवालय में डीसी प्रीति से मुलाकात की। करीब करीब आधे घंटे चली बातचीत में प्रशासन ने मामले के निपटारे के लिए एक हफ्ते का समय मांगा। इसके बाद किसानों ने एलान किया कि एक हफ्ते में रास्ता नहीं मिला तो किसान खुद बनाएंगे।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर के नेतृत्व में किसान डीसी से मिले। इस दौरान रादौर के एसडीएम और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचआई) के उप प्रबंधक विशाल केसरवानी भी मौके पर मौजूद रहे। दोनों पक्षों में करीब आधा घंटा बातचीत हुई। बैठक में डीसी प्रीति ने बताया कि यह मामला मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के संज्ञान में है।
उन्होंने किसानों एवं ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार प्रशासन के अधिकारियों द्वारा मार्ग में आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के मुख्यालय से बातचीत की जा रही है। किसानों एवं ग्रामीणों की मांगों का पूरा-पूरा ध्यान रखा जाएगा।
भाकियू जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने कहा कि पोटली गांव में चार माह से किसान रास्ते को लेकर धरने पर बैठे हैं। अंबाला-शामली नेशनल हाईवे के नीचे पोटली गांव के पास अंडरपास की मांग की जा रही है। जहां पर गांव का रास्ता है वहां के बजाय एनएचएआई ने 200 मीटर आगे अंडरपास बना दिया है। इससे किसानों को काफी परेशानी हो रही है। जहां पर रास्ते की मांग है वहां पर अंडरपास नहीं बनाया जा रहा।
रास्ते के लिए चार माह से वह धरने पर बैठे हैं, लेकिन प्रशासन केवल बातें ही कर रहा है। इसलिए उन्होंने निर्णय लिया था कि एक जनवरी से किसान खुद रास्ता बनाएंगे। इससे पहले डीसी से आखिरी दौर की बातचीत की जाएगी। सुभाष गुर्जर ने कहा कि डीसी ने उनकी बात को सुनते हुए कहा कि वह उन्हें एक सप्ताह का समय दें। दिल्ली में इसे लेकर एनएचएआई अधिकारियों की बातचीत चल रही है।
डीसी की बात को मानते हुए किसान सहमत हो गए और उन्हें एक सप्ताह का समय दिया है। वहीं किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि एक सप्ताह में रास्ता नहीं मिला को फिर उनकी व अधिकारियों की मुलाकात केवल सड़क पर होगी। रास्ते के लिए किसान गोली तक खाने को तैयार हैं। फिलहाल एक जनवरी को होने वाले प्रदर्शन को स्थगित कर दिया गया है। इस मौके पर भाकियू जिला उपाध्यक्ष दविंद्र कांबोज जयपुर, दीप राणा नंबरदार, महिंद्र चमरौड़ी, सरदार रविंद्र पाल सिंह, धर्मवीर अमलोहा, सतपाल सैनी, रोशन लाल सैनी, विनोद ढांगी, पवन गोयल, अरविंद कांबोज, मास्टर जंगशेर राणा लालछप्पर मौजूद रहे।