संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नगर निगम के वार्ड सात में सेक्टर-17, 18 जैसे इलाके हैं, जहां कई वीआईपी के आवास हैं। निवर्तमान पार्षद रामआसरा भारद्वाज कार्यकाल के चार साल सत्तापक्ष भाजपा में रहे। इसके बावजूद वार्ड में टूटी सड़कों कहीं जलभराव व गंदगी जैसी दिक्कतें रहीं।
रामआसरा यह मुद्दे सदन बैठकों में उठाते रहे, वहीं अफसरों और भाजपा से ही निवर्तमान मेयर पर अनदेखी के आरोप लगाते रहे। निवर्तमान मेयर मदन चौहान भी बिना भेदभाव विकास कराने के जवाब देते रहे। इसी तरह पांच साल का कार्यकाल निकल गया और वार्ड में अभी भी जल निकासी ठप तो कहीं सड़कें बदहाल हैं।
साथ ही सफाई, स्ट्रीट लाइट जैसी समस्याएं भी हैं। पांच साल सदन में गूंजे सेक्टर-17 के कम्युनिटी सेंटर व शौचालय की समस्याएं भी जस की तस हैं। यही मुद्दे नगर निगम चुनाव करीब आने पर निवासियों की जुबान पर आ रहे हैं। नई वार्डबंदी में वार्ड सात में वार्ड एक का क्षेत्र काटकर जोड़ दिया गया है। इससे पार्षद के चुनाव में जीत की चुनौती बढ़ गई है।
चूंकि जो लोग पहले वार्ड एक से चुनाव लड़ना चाहते थे, वह वार्ड सात के लिए दावेदारी जता रहे हैं। वार्ड में नए क्षेत्र शामिल होने से पोलिंग बूथ व मतदाताओं संख्या में भी काफी अंतर आ गया है। अक्तूबर-2018 के चुनाव में आठ पोलिंग बूथ थे, जो इस बार बढ़कर 12 हैं। ऐसे ही गत चुनाव में कुल मतदाता 8261 थे, जो अब बढ़कर 12217 हो गए हैं।
अक्तूबर-2018 के चुनाव में भाजपा में रहते पार्षद बने रामआसरा भारद्वाज चार साल के कार्यकाल के बाद पहले इनेलो फिर आप और बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए। इस बार भी वार्ड सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित होने से रामआसरा भारद्वाज दोबारा चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं, वहीं कांग्रेस से और भी कई लोग भी टिकट के लिए आवेदन कर चुके हैं। वार्ड एक से निवर्तमान भाजपा पार्षद संजय राणा भी वार्ड सात से चुनाव लड़ने के लिए टिकट चाह रहे हैं। इनके अलावा भाजपा से भी कई दावेदार आवेदन कर चुके हैं।
नई वार्डबंदी में क्षेत्र
आबादी कुष्ट आश्रम, सेक्टर-17, सेक्टर-18 जैसे क्षेत्र पहले भी वार्ड सात में रहे, पर इस बार इनके साथ गांधीधाम, रूपनगर, लेबर कॉलोनी जैसे इलाके वार्ड एक से काटकर वार्ड सात में शामिल किए गए हैं।
निगम में आने के बाद बिगड़े हाल
सेक्टर-17 निवासी केवल कृष्ण सैनी ने कहा कि जब से सेक्टर हुडा से नगर निगम के अंतर्गत आए हैं, तभी से यहां सड़कों व जल निकासी की व्यवस्था सही नहीं है। अधिकांश सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, वहीं घरों के बाहर बने ड्रेनेज लाइन जाम पड़ी है। टूटी सड़कों से आते-जाते लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं, वहीं जल निकासी ठप होने से जलभराव के हाल झेल रहे हैं। बारिश के दिनों में जगह-जगह जलभराव हो जाता है।
जनसमस्याएं नहीं हो सकी दूर
कौशल्या जांगड़ा ने बताया कि वह कांग्रेस की टिकट पर वार्ड से पार्षद चुनाव लड़ने की तैयारी कर चुकी हैं। इसके लिए पार्टी को टिकट के लिए आवेदन किया है, वहीं नामांकन के लिए एनओसी व अन्य दस्तावेज भी पूरे कर लिए हैं। उन्हों बताया कि यदि जनता ने आशीर्वाद देकर पार्षद बनाया तो सेक्टर-17, 18 सहित सभी क्षेत्र में सड़कों का सुधार, जलनिकासी का सही प्रबंध, सफाई व स्ट्रीट लाइट जैसी दिक्कतें दूर करने का प्रयास रहेगा।
नाला दे रहा जलभराव का दर्द
गांधीधाम निवासी लाल सिंह ने कहा कि गांधीधाम पहले वार्ड एक में था, जिसे अब वार्ड सात में कर दिया गया है। यहां सबसे बड़ी समस्या बरसात के दिनों में होने वाले जलभराव को लेकर है। क्योंकि कॉलोनी के साथ से बड़ा नाला निकल रहा है, जिस पर अतिक्रमण व कब्जे हैं। इससे नाले की सही सफाई नहीं हो पाती और उसका गंदा पानी ओवरफ्लो होकर कॉलोनी में भरा जाता है। सफाई होती है, पर कई जगह कचरा डंप कर छोड़ दिया जाता है।
दयनीय हालत में शौचालय
सेक्टर-17 निवासी अजमेर कांबोज ने बताया कि सेक्टर-17 में रेडक्रॉस के साथ मार्केट में बने शौचालयों की हालत दयनीय है। यह स्थिति सेक्टर के हुडा से निगम के अंतर्गत आने के बाद से हैं। इनकी सफाई व मरम्मत के लिए अफसरों से लेकर विधायक व मंत्री तक से मांग कर चुके हैं, पर हालात जस के तस हैं। पूरे सेक्टर में कहीं सफाई न होने से गंदगी है तो कई जगह निर्माण व मरम्मत न होने से सड़कें टूटी हुई हैं।
वार्ड सात को बनाएंगे शहर का नंबर एक
निवर्तमान पार्षद रामआसरा भारद्वाज ने बताया कि वार्ड की हर समस्या व मांग को सदन बैठकों व अफसरों के दफ्तरों में जाकर रखा, पर अफसरों व निवर्तमान मेयर द्वारा अधिकांश बातों को अनदेखा किया गया। इसके बाद भी वार्ड में करीब दस करोड़ रुपये के काम कराए। दोबारा चुनाव लड़ने के लिए तैयारी हैं। इस बार वार्ड को सफाई, जल निकासी, सड़कों से लेकर हर सुविधा में शहर का नंबर-1 वार्ड बनाकर रहेंगे।
बिना भेदभाव कराया विकास
निवर्तमान मेयर मदन चौहान ने कहा कि अनदेखी जैसे आरोप गलत हैं। वार्ड सात में भी अन्य वार्डों की तरह बिना भेदभाव समान रूप से विकास कार्य कराए गए। प्रयास रहा कि वार्ड में लोगों की जो भी मांगें व समस्याएं हैं, उन्हें प्राथमिकता देते हुए जरूरी विकास कार्य कराए जाएं।
वर्ष - बूथ - पुरुष - महिला - कुल
2018- 8 - 4247 - 4014 - 8261
2025-12 - 6305 - 5912 - 12217