संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। डीसी कैप्टन मनोज कुमार ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में मच्छर के लार्वा की चेकिंग के लिए पानी के सैंपल लिए जाएं तथा लार्वा मिलने वाले घर के मालिक को नोटिस देकर आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने शहरी क्षेत्र में अगर कोई व्यक्ति जलभराव करता है, उसके खिलाफ चालान किया जाए।
डीसी कैने कहा कि मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों के प्रति प्रत्येक व्यक्ति को सावधानी रखनी चाहिए। इन दिनों में डेंगू व मलेरिया जैसी बीमारियां फैलने का अंदेशा बना रहता है। स्वास्थ्य विभाग व अन्य संबंधित विभाग मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों से बचाव संबंधित कार्य प्राथमिकता से करें। कार्यालयों में लगे हुए कूलर व आस-पास जलभराव वाले स्थानों की सफाई करवाएं।
मलेरिया फैलाने वाला एनाफिलीज मादा मच्छर पानी एकत्रित होने से पनपता है। मलेरिया की रोकथाम के लिए जरूरी है कि मच्छर पैदा ना होने दें। डेंगू फैलाने वाला एडीज मादा मच्छर दिन में काटता है और साफ पानी में पनपता है। यह मच्छर 200 मीटर क्षेत्र में ही रहता है। जिसकी वजह से एक घर में डेंगू होने पर सभी सदस्यों व आस-पास के क्षेत्रों में डेंगू का खतरा बढ़ जाता है।
डीसी ने कहा कि मच्छर के काटने से डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया जैसी घातक बीमारियां होती हैं इसलिए कहीं भी अपने आस-पास जलभराव ना होने दें क्योंकि विभिन्न जगहों पर जलभराव की वजह से मच्छर पैदा होते हैं। उन्होंने कहा कि मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों के प्रति लोगों का जागरूक होना जरूरी है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया से बचाव के लिए पानी के बर्तन, टंकी, घड़ों आदि को ढक कर रखे और सप्ताह में एक बार कूलर, फूलदान, फ्रिज की ट्रे, पशु व पक्षियों के बर्तन व ड्रमों को खाली करके सुखाएं और फिर उनमें पानी डाले। गांवों में तालाब इत्यादि में काला तेल डाला जाए ताकि मच्छर पैदा न हो सकें।