संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। बिना मान्यता संचालित किए जा रहे शिक्षण संस्थानों पर शिक्षा विभाग की ओर से शिकंजा कसा जा रहा है। इसमें न सिर्फ स्कूल बल्कि प्ले स्कूल व अकादमियों को भी बंद कराने की तैयारी है। इस संबंध में विद्यालय शिक्षा निदेशालय की ओर से डीईओ व डीईईओ के नाम 25 अप्रैल को पत्र जारी कर निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
हालांकि इस पत्र से पहले ही जिला स्तर पर बिना मान्यता वाले करीब 47 स्कूलों की सूची तैयार हुई थी, पर इसके आगे कार्रवाई नहीं हो पाई। अब निदेशालय की ओर से जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि किसी कलस्टर में बिना मान्यता वाला संस्थान (शिक्षण दुकान) पाया गया तो कलस्टर प्रभारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
पत्र के माध्यम से बताया गया कि 25 अप्रैल को डीजीईई व डीएसई की अगुवाई में प्रवेश उत्सव की समीक्षा के लिए वीसी के दौरान जानकारी प्राप्त हुई कि कई जिलों में कुछ विद्यालय बिना मान्यता संचालित हैं, जो कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के अंतर्गत धारा-18 का उल्लंघन है। इसके मुताबिक कोई भी विद्यालय उपयुक्त प्राधिकरण से मान्यता प्राप्त किए बिना स्थापित या संचालित नहीं किया जा सकता है।
पत्र में कहा गया कि संज्ञान में आया है कि कुछ शहरी क्षेत्र में प्ले स्कूल के नाम पर ऐसे संस्थान संचालित हो रहे हैं, जिनमें कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थी नामांकित है। यह भी शिक्षा का अधिकार अधिनियम का उल्लंघन है। साथ ही कुछ गैर सरकारी संगठन व फाउंडेशन रेमिडियल क्लासेज के नाम पर नियमित विद्यालयी समय पर पूर्णकालिक विद्यालय संचालित कर रहे हैं, जो कि पूर्णता अवैध है। केवल मान्यता प्राप्त विद्यालयों को ही नियमित स्कूली शिक्षा देने की अनुमति है।
विभाग के संज्ञान में यह भी आया कि सरकारी स्कूल भवनों में कुछ गैर शैक्षणिक संस्था व एनजीओ द्वारा कार्य किए जा रहे हैं, जो शिक्षा का अधिकार अधिनियम का उल्लंघन है। निदेशालय की ओर से पत्र में निर्देश दिए गए कि प्ले स्कूल में पांच वर्ष से अधिक आयु के बच्चों को नामांकित करना व कक्षा एक से पांच तक की पढ़ाई कराना अवैध है, इसे तुरंत बंद किया जाए।
साथ ही रेमिडियल कक्षाएं, यदि विद्यालय समय में नियमित विद्यालय के रूप में चलाई जा रही हों तो यह भी अस्वीकृत हैं। इसे तुरंत बंद कराया जाए। क्योंकि कोई भी एनजीओ अथवा संस्था बिना विभागीय स्वीकृति के विद्यालयी समय में शैक्षणिक गतिविधियां नहीं चला सकती। निदेशालय ने निर्देश दिए कि ऐसे सभी विद्यार्थी जो बिना मान्यता वाले स्कूलों में पढ़ते हैं, उन्हें पास के राजकीय स्कूलों में प्रवेश देना अनिवार्य है, चाहे उनमें प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी हो।
निदेशालय की ओर से जारी पत्र में जिला शिक्षा अधिकारियों से कहा गया है कि जिले में कलस्टर स्तर पर सीआरसी को इस प्रकार के संस्थानों की पहचान करने के लिए निर्देशित करे। यदि किसी कलस्टर में ऐसा संस्थान (शिक्षण दुकान) पाया गया तो कलस्टर प्रभारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। साथ ही निर्देश दिए गए है कि सभी खंड अधिकारी सूची तैयार करें, जिसमें ऐसे एनजीओ संचालित यूनिट्स, टीचिंग शॉप्स, प्ले स्कूल व बिना मान्यता वाले स्कूल शामिल हों।
बिना मान्यता वाले स्कूलों व अन्य संस्थानों के लिए जारी निर्देशानुसार कार्रवाई की जा रही है। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं।- शिव कुमार धीमान, डिप्टी डीईओ, यमुनानगर।