संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। खंड छछरौली के किसानों को अपने खेतों की मिट्टी जांच के लिए अब जगाधरी स्थित मृदा प्रशिक्षण प्रयोगशाला की भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। छछरौली के लिए आईसीपी (इंडक्टिवली कपल्ड प्लाज्मा) मशीन खरीदी गई है। इस मशीन की मदद से रोजाना 600 सैंपल की जांच की जा सकती है।
इस मशीन के आने से किसानों को काफी फायदा हुआ है। इससे किसानों को अपने खेत का मृदा स्वास्थ्य कार्ड भी जल्दी मिलेगा। सॉइल हेल्थ कार्ड योजना के तहत सभी खेतों से मिट्टी की जांच करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसी के तहत अब सभी ब्लॉक में मिट्टी की जांच के लिए लैब खोली जा रही हैं। छछरौली स्थित मृदा जांच लैब में काफी समय से नई मशीन की मांग की जा रही थी। क्योंकि किसानों को अपने खेत की मिट्टी की जांच कराने के लिए अभी तक जगाधरी स्थित जिला मृदा जांच प्रशिक्षण में ही जाना सैंपल की जांच करानी पड़ती थी। आईसीपी मशीन सकी कीमत 40 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। एक शिफ्ट में मशीन 300 सैंपल की जांच करती है। यदि स्टाफ पर्याप्त है तो दूसरी शिफ्ट में भी मशीन मिट्टी के इतने ही सैंपल की जांच कर सकती है।
जिले में मिट्टी के सैंपल की जांच के लिए अब कुल छह लैब हो गई हैं। जिनमें से एक जगाधरी व बाकी सभी ब्लॉक में है। इन लैब में मिट्टी में खारी अंग, विद्युत चालकता, ऑर्गेनिक कार्बन, फॉस्फोरस, पोटाशियम, सल्फर, जिंक, लोहा, कॉपर, मैंगनीज व बोरोन की जांच की जाती है।