संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। जिले में बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों पर कार्रवाई करने के निदेशालय से आदेश जारी किए जा रहे हैं। वहीं जिले में ऐसे स्कूलों पर कार्रवाई करने के लिए अधिकारी ही नहीं है। जिले के शिक्षा विभाग के छह खंडों में पांच अधिकारी विहीन हैं।
केवल एक खंड में अधिकारी है। यह पद भी स्कूल प्राचार्य को अतिरिक्त कार्यभार के रूप में दिया गया है। अन्य किसी खंड में कोई खंड शिक्षा अधिकारी नहीं है। निदेशालय व जिला शिक्षा अधिकारी के आदेशों के बावजूद अमान्य स्कूल धड़ल्ले से नए सत्र के दाखिले ले रहे हैं। जिले के इन सभी अमान्य स्कूलों में कक्षाएं भी लगने लगी हैं। स्कूलों ने नए सत्र के लिए अभिभावकों को उनके बच्चों के लिए वर्दी व किताबें भी थमा दी हैं।
दूसरी तरफ इसे लेकर अभिभावक असमंजस में हैं, चूंकि वे अपनी मोटी रकम खर्च अपने बच्चों का दाखिला इन स्कूलों में करवा चुके हैं। वहीं, बीईओ न होने के कारण अन्य लोगों को भी काम के लिए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की दौड़ लगाने पड़ रही है।
सबसे ज्यादा परेशानी दूर के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को रही है। शिक्षा विभाग की ओर से जिले में चल रहे अमान्य स्कूलों में 47 के नाम शामिल किए थे। वहीं जिले में ऐसे स्कूलों की संख्या सूची में शामिल से करीब चार गुना अधिक है।
जिले में अनुमानित करीब 250 स्कूल ऐसे हैं जो गैरकानूनी रूप से चल रहे हैं। विभाग की इस सूची पर कई स्कूलों ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद विभाग ने दोबारा से स्कूलों की रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए हैं। खंड शिक्षा अधिकारी न होने के कारण यह रिपोर्ट भी खटाई में पड़ गई है।