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Yamuna Nagar News: लगेगी घोड़ा-खच्चर मंडी, मिलेगी 24 घंटे चिकित्सा सुविधा

Mon, 11 Nov 2024 01:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। कपालमोचन मेला मेंघोड़ा व खच्चर मंडी का भी आयोजन होगा, जिसमें हिमाचल प्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा समेत अन्य जगहों से पशुपालक अपने घोड़े व खच्चर लेकर आएंगे। मंडी में 800 से अधिक पशुओं के पहुंचने का अनुमान पशुपालन विभाग ने लगाया है।
हर बार की तरह इस बार भी पशु मंडी का आयोजन बिलासपुर-चौराही मार्ग पर नीलकंठ पैलेस के नजदीक किया जाएगा। पशुपालन विभाग की तरफ से इसमें पशु चिकित्सक, वीएलडीए के अलावा चतुर्थ श्रेणी स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है जो शिफ्ट में 24 घंटे अस्थायी पशु अस्पताल में मौजूद रह कर बीमार पशुओं का उपचार करेंगे।
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पशु मंडी में जो पशुपालक अपने घोड़े व खच्चर लेकर आते हैं वहां यहां इनकी खरीद फरोख्त करते हैं। जिससे पशुपालकों को अच्छी आमदनी भी होती है। इसके अलावा घोड़ों व खच्चर की नस्ल सुधार के लिए भी यह मंडी काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। लोगों को मेले के दौरान पशु मंडी का उत्सुकता के साथ इंतजार रहता है।
क्योंकि आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में मेले में आए एक से एक नस्ल के घोड़ों को देखने के लिए पहुंचते हैं। कुछ पशुपालक तो ऐसे होते हैं जिनके घोड़ों की कीमत 25 से 40 लाख रुपये होती है। वह केवल घोड़ों का प्रदर्शन करने के लिए ही मंडी में आते हैं।
कुछ वर्ष पहले प्रदेश के कुछ जिलों घोड़ों में ग्लैंडर्स बीमारी के लक्षण मिले थे। क्योंकि यह बीमारी घोड़ों से इंसानों में फैल जाती है इसलिए प्रदेश सरकार ने मेले में खच्चर मंडी नहीं लगाने का नोटिफिकेशन जारी किया था। जिस कारण वर्ष 2018 में कपालमोचन मेले के दौरान खच्चर मंडी लगाने की अनुमति नहीं दी थी।
अब इस बीमारी का प्रदेश में कई लक्षण नहीं है। इसलिए मेला में बड़ी संख्या में घोड़ों व खच्चर के पहुंचने की उम्मीद है। मेले में विभिन्न नस्लों के घोड़े, खच्चर प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से आते हैं। पशुपालन विभाग के एसडीओ डॉ. सतबीर सिंह का कहना है कि पशु मंडी लगाने की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
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मंडी स्थल पर साफ सफाई करवा दी गई है। पशु अस्पताल शाम तक बन जाएगा। क्योंकि लोग अपने घोड़ों व खच्चर को कई किलोमीटर दूर से लेकर आते हैं। इसलिए घोड़ाें के पांव में जख्म भी हो जाते हैं। इसके अलावा पशु बीमार भी होते हैं। मंडी में पशुओं को 24 घंटे चिकित्सा की सुविधा मिलेगी। पशु अस्पताल में सभी तरह की दवाइयां उपलब्ध रहेंगी।
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